डाइट नगरी में हिन्दी दिवस पर काब्य गोष्ठी का आयोजन...कार्यक्रम में क्षेत्र के कवि एवं साहित्यकार हुए शामिल
उत्तम साहू
नगरी सिहावा/ ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नगरी में हिन्दी दिवस के अवसर पर काब्य गोष्ठी का आयोजन किया गया कार्यक्रम में नगरी क्षेत्र के कवि एवं साहित्यकार की आतिथ्य में सम्पन्न हुआ, कार्यक्रम के शुभारंभ में डाइट के छात्राध्यापकों के द्वारा सर्वप्रथम माँ सरस्वती के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना करके सरस्वती वंदना एवं अतिथि स्वागत पर शानदार स्वागत गीत की प्रस्तुति के साथ डाइट के छात्राध्यापक, अनिल यादव, टिकेश्वर मरकाम, कौशिल्या साहू, चेतना सिन्हा, थानेश्वर गेंडरे द्वारा कविता प्रस्तुति के साथ काब्यगोष्ठी का प्रारंभ हुआ,
सर्वप्रथम युवा कवि आकाश साहू ने अपनी कविता की प्रस्तुति पर कहा " देर रात ज़ब में कमा कर घर लौटता तो, सभी ने मुझे रूपये की गड्डी और माल पूछा, अरे ओ तो मेरे माँ थी साथियो जिसने मेरा हाल पूछा l कविता की पंक्ति के साथ अपनी कविता पाठ प्रारम्भ किया, तपश्चात डाइट नगरी से संगीता रनघाटी द्वारा एक प्रेरणादायक मधुर गीत की प्रस्तुति दी नवीन टंडन शिक्षक द्वारा अपनी सुमधुर गीत द्वारा अपनी कविता गीत"एक बरस में एक ही बात, जलती रहती ज्वाला की ज्वाला, सजती दीपों की माला l सुना कर शमाबांधा कार्यक्रम का सफल संचालक कविराज पदुम साहू व्याख्याता द्वारा अपनी कविता "मौसम बदलता रहता धीरे -धीरे, मांझी अपना नाव खोता ले जाता धीरे- धीरे "अपनी कविता की पंक्ति द्वारा कार्यक्रम में शमा बांधा जोहन नेताम व्याख्याता डाइट नगरी द्वारा अपनी स्वरचित कविता हिन्दी में बिंदी एवं वार्तालाप का पुल पर अपनी कविता का पाठ कर नवजवान पर अपनी कविता का वाचन किया
डाइट नगरी के लेखापाल अरविन्द सार्वा ने हिन्दी दिवस पर हिन्दी के विराम चिन्ह का कितना महत्व होता है इस पर अपनी विचार रखा डाइट नगरी के प्राचार्य पी सी राय द्वारा अपनी स्वरचित "हम गर्व करतें हैं हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा है, लेकिन आज वास्तविकता क्या है, हर गली मुहल्ले पर अंग्रेजी स्कूल उग आते है, हिन्दी का गला घोटने में शन जताते है l "कविता का पाठन कर वर्तमान समय में हिन्दी की दशा पर करारा प्रहार किया कार्यक्रम में डाइट नगरी से हिम्मणी सोम बी गजेंद्र नरेंद्र देवांगन, ईश्वरी ध्रुव लेखा पाल,डाइट नगरी के प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापक उपस्थित रहें कार्यक्रम का आभार हिम्मणी सोम व्याख्याता डाइट नगरी द्वारा किया गया



