धमतरी पुलिस की महिला आरक्षक अमृता सेंगर ने पेश की मानवता की मिसाल, मासूम बच्चे के लिए किया 18वां स्वैच्छिक रक्तदान
धमतरी। पुलिस की पहचान केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद कर मानवता की मिसाल पेश करना भी उसकी जिम्मेदारी है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए धमतरी पुलिस की महिला आरक्षक अमृता सेंगर ने एक मासूम बच्चे की जान बचाने के लिए अपना 18वां स्वैच्छिक रक्तदान कर सेवा और संवेदनशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 10 बजे रेडक्रॉस सोसायटी के शिवा प्रधान ने महिला आरक्षक अमृता सेंगर को सूचना दी कि एक मासूम बच्चे को तत्काल रक्त की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना किसी विलंब के रक्तदान केंद्र पहुंचकर रक्तदान किया, जिससे बच्चे के उपचार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकी।
महिला आरक्षक अमृता सेंगर अपने पुलिस कर्तव्यों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों में भी लगातार सक्रिय रहती हैं। जरूरतमंद बच्चे के लिए तत्काल आगे आकर रक्तदान करना उनकी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का परिचायक है।
पुलिस अधीक्षक धमतरी ने अमृता सेंगर के इस मानवीय कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में समाज के साथ खड़े होकर मानवता की सेवा करना भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने महिला आरक्षक के सेवाभाव और समर्पण की प्रशंसा करते हुए इसे पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
धमतरी पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी समय-समय पर जरूरतमंद मरीजों एवं आपातकालीन परिस्थितियों में स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव जीवन बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। विभाग का यह सतत प्रयास "पुलिस सेवा के साथ मानव सेवा" की भावना को मजबूत करता है और समाज में "रक्तदान – जीवनदान" का संदेश पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
महिला आरक्षक अमृता सेंगर का 18वां स्वैच्छिक रक्तदान न केवल उनकी सेवा भावना का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा है। उनका यह सराहनीय कार्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है।
"रक्तदान करें – जीवन बचाएं, मानवता का साथ निभाएं।"

