कृषि, पशुपालन, मत्स्य और उद्यानिकी विभागों की संयुक्त समीक्षा, कलेक्टर ने दिए लक्ष्य आधारित कार्य के निर्देश
प्राकृतिक खेती, कार्बन क्रेडिट और कृषि विविधीकरण पर विशेष जोर, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
उत्तम साहू,धमतरी, 4 अगस्त 2026। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वित कार्ययोजना के साथ लक्ष्य आधारित और परिणामोन्मुखी कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कार्बन क्रेडिट परियोजना, औषधीय पौधों की खेती, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन, किसान क्रेडिट कार्ड, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं और उद्यानिकी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत ई-केवाईसी जल्द पूरा कराने तथा अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 71 हजार से अधिक किसानों का फसल बीमा किया जा चुका है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों (एसएडीओ) को 100-100 एकड़ प्राकृतिक खेती का लक्ष्य निर्धारित कर ग्राम स्तर पर चौपाल, कृषक संवाद और प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। वहीं कार्बन क्रेडिट परियोजना के तहत आगामी रबी सीजन में 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करने की तैयारी करने को कहा।
उन्होंने कृषि अधिकारियों को नियमित फील्ड भ्रमण, विकासखंडवार प्रगति की समीक्षा और कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र और आईडब्ल्यूएमपी के कार्यों का वीबी-जी राम योजना से अभिसरण कर प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने मछली और बकरी पालन से जुड़े हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रकरण तैयार करने तथा जिले के तीन हजार से अधिक तालाबों से जुड़ी समितियों के माध्यम से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि ड्रोन सेवा का शुल्क किसानों की क्षमता के अनुरूप रखा जाए, ताकि आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग हो सके और खेती की लागत कम हो।
बैठक में नगरी क्षेत्र एवं महानदी तटीय इलाकों में नारियल की खेती को बढ़ावा देने, दुग्ध संकलन समितियों को सक्रिय करने, महिला पशु सखियों की नियुक्ति तथा दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि योजनाओं के संचालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने प्रस्तावित रिवर इकोनॉमिक क्लस्टर एंड लाइवलीहुड योजना के तहत नदी तटीय गांवों में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और पैक्स समितियों का एकीकृत मॉडल विकसित करने पर जोर दिया। वहीं उद्यानिकी विभाग को मसाला, फल, सब्जी और पुष्प उत्पादन का विस्तार करते हुए प्रत्येक विकासखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विशेष फसल आधारित पहचान विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि विभागों के बेहतर समन्वय, नवाचार, आधुनिक तकनीक और नियमित मैदानी मॉनिटरिंग से ही किसानों की आय में वृद्धि, कृषि का विविधीकरण और जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकेगी। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र, लीड बैंक, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, एफपीओ सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

