पीएम सूर्यघर योजना पर उठे सवाल: सोलर लगवाने के बाद बढ़ा बिजली बिल, उपभोक्ताओं ने लगाया अतिरिक्त भार वसूली का आरोप
पाली/कोरबा। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर कोरबा जिले के पाली विकासखंड में उपभोक्ताओं ने गंभीर शिकायतें उठाई हैं। सोलर पैनल लगवाने वाले कई लोगों का आरोप है कि बिजली बिल कम होने के बजाय बढ़ गया है। उनका कहना है कि विद्युत विभाग सोलर संयंत्र की किलोवाट क्षमता के आधार पर अतिरिक्त भार जोड़कर बिल जारी कर रहा है, जिससे उन्हें दोगुना आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं के अनुसार पाली क्षेत्र में कई घरों में 3 और 5 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। योजना का उद्देश्य बिजली बिल में राहत देना था, लेकिन अब बिल में घरेलू खपत के साथ-साथ सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर भी अतिरिक्त शुल्क जोड़े जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले उनका मासिक बिजली बिल 250 से 300 रुपये के बीच आता था, जबकि सोलर लगवाने के बाद यह बढ़कर 700 से 800 रुपये तक पहुंच गया है। इससे योजना के प्रति लोगों का विश्वास कम होता जा रहा है और कई उपभोक्ता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब योजना के तहत ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त बिजली का समायोजन (नेट मीटरिंग) होना चाहिए, तब सोलर संयंत्र की क्षमता के आधार पर अतिरिक्त भार वसूलना किस नियम के तहत किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो लोग सोलर सिस्टम हटाने पर भी विचार कर सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग से पूरे मामले की जांच कर गलत बिलों में सुधार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर योजना का उद्देश्य प्रभावित होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की मुहिम को भी झटका लग सकता है।
हालांकि, इस मामले में विद्युत विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

