मेहनत का सम्मान, समय पर मेहनताना: वीबी-जी रामजी योजना से 5,964 श्रमिकों को मिला 53.91 लाख रुपये का भुगतान

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मेहनत का सम्मान, समय पर मेहनताना: वीबी-जी रामजी योजना से 5,964 श्रमिकों को मिला 53.91 लाख रुपये का भुगतान



उत्तम साहू 

धमतरी, 01 सितंबर 2026। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार के साथ आर्थिक संबल प्रदान करने वाली वीबी-जी रामजी योजना (विकसित भारत–जी रामजी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) धमतरी जिले में प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। योजना के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ श्रमिकों की मेहनत की मजदूरी निर्धारित समय-सीमा में सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।

“काम किया, मेहनत की और तय समय में मजदूरी खाते में पहुंच गई—अब परिवार की जरूरतें पूरी करने में आसानी होती है।” ग्रामीण श्रमिकों के लिए समय पर मिलने वाली मजदूरी केवल पारिश्रमिक नहीं, बल्कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी है।

01 जुलाई 2026 से अब तक धमतरी जिले में 5,964 श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 53.91 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों की मजदूरी राशि 15 दिवस के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। समयबद्ध भुगतान की इस व्यवस्था से श्रमिकों में योजना के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।


मेहनत की कमाई बनी परिवार की जरूरतों का सहारा

ग्रामीण परिवारों के लिए आय का प्रत्येक स्रोत महत्वपूर्ण होता है। समय पर मिलने वाली मजदूरी से श्रमिक परिवार राशन, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू उपयोग की सामग्री और अन्य आवश्यक खर्चों को आसानी से पूरा कर पा रहे हैं। बैंक खातों में सीधे राशि पहुंचने से भुगतान प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनी है।

इसका सकारात्मक प्रभाव केवल श्रमिक परिवारों तक सीमित नहीं है। गांव में ही रोजगार मिलने और समय पर मजदूरी प्राप्त होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी गतिविधियां बढ़ रही हैं। स्थानीय स्तर पर आय का प्रवाह बढ़ने से बाजार में मांग पैदा होती है और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है।


समय पर भुगतान से बढ़ा श्रमिकों का उत्साह

किसी भी रोजगार योजना की सफलता श्रमिकों के भरोसे और उनकी भागीदारी पर निर्भर करती है। समय पर मजदूरी मिलने से श्रमिकों में योजना के तहत उपलब्ध रोजगार अवसरों के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्हें यह विश्वास मिल रहा है कि काम के बदले मिलने वाला पारिश्रमिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे उनके खाते में पहुंचेगा।

स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से श्रमिकों को काम की तलाश में दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता भी कम हो रही है। वे अपने परिवार और गांव से जुड़े रहते हुए आय अर्जित कर सकते हैं। योजना रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के साथ स्थानीय विकास कार्यों में जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रही है।


पारदर्शिता और जवाबदेही को मिली मजबूती

जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप वीबी-जी रामजी योजना के तहत प्रत्येक पात्र श्रमिक को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने और निर्धारित समय-सीमा में मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन और भुगतान प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि श्रमिकों को उनकी मेहनत की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

श्री नाहटा ने कहा कि श्रमिकों के बैंक खातों में सीधे मजदूरी हस्तांतरित होने से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है। प्रत्यक्ष भुगतान प्रणाली से श्रमिकों को उनकी मेहनत की कमाई समय पर मिल रही है, जिससे योजना के प्रति उनका विश्वास और भागीदारी दोनों बढ़े हैं।


रोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर

वीबी-जी रामजी योजना ग्रामीण श्रमिकों को केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है। समय पर मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और गांव में ही रोजगार की उपलब्धता ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।

धमतरी जिले में 5,964 श्रमिकों तक पहुंची 53.91 लाख रुपये की मजदूरी इस बात का प्रमाण है कि जब रोजगार के साथ मेहनत का उचित पारिश्रमिक समय पर मिलता है, तो श्रमिकों के जीवन में संतोष के साथ भविष्य के प्रति विश्वास भी बढ़ता है। यही विश्वास ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी, सहभागी और परिणाममुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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