धनेश्वर साहू को समाज से बाहर करने की खबर भ्रामक, ग्रामीण साहू समाज तर्रागोंदी ने किया खंडन

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धनेश्वर साहू को समाज से बाहर करने की खबर भ्रामक, ग्रामीण साहू समाज तर्रागोंदी ने किया खंडन

बैठक में समाज ने रखा अपना पक्ष, कहा—31 परिवारों और सामाजिक बहिष्कार को लेकर फैलाई गई जानकारी तथ्यहीन



उत्तम साहू 

कुरूद। ब्लॉक अंतर्गत ग्राम तर्रागोंदी में ग्रामीण साहू समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ ही धनेश्वर पिता प्रभुराम साहू को कथित रूप से समाज से पृथक किए जाने संबंधी सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित खबरों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समाज के पदाधिकारियों ने इन खबरों को गलत एवं भ्रामक बताते हुए स्पष्ट रूप से उनका खंडन किया।

समाज की ओर से कहा गया कि धनेश्वर साहू को समाज से पृथक किए जाने संबंधी जो जानकारी विभिन्न माध्यमों से प्रसारित हुई है, वह वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं है। पदाधिकारियों का कहना है कि अधूरी अथवा एकपक्षीय जानकारी के आधार पर खबरें प्रसारित होने से समाज के लोगों के बीच भ्रम की स्थिति निर्मित हुई है।

31 परिवारों को लेकर भी समाज ने स्पष्ट किया पक्ष

बैठक में 31 परिवारों से संबंधित प्रसारित जानकारी को लेकर भी ग्रामीण साहू समाज ने अपना पक्ष रखा। पदाधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में प्रसारित जानकारी को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। समाज की ओर से स्पष्ट किया गया कि जिन 31 परिवारों का उल्लेख किया गया, उन्हें अलग-अलग परिवारों के रूप में बताने के बजाय वे एक ही परिवार से संबंधित हैं। समाज ने इस मामले में भी प्रसारित जानकारी को भ्रामक बताते हुए खंडन किया।

बैठकों और सामाजिक आयोजनों की दी जाती रही सूचना

ग्रामीण साहू समाज तर्रागोंदी के अध्यक्ष मानु राम साहू ने बताया कि धनेश्वर साहू पाली क्रमांक-2 के अध्यक्ष हैं और उन्हें समाज की बैठकों, सामाजिक गतिविधियों एवं अन्य आयोजनों की जानकारी समय-समय पर दी जाती रही है।

उन्होंने कहा कि किसी सामाजिक बैठक या कार्यक्रम में शामिल होना संबंधित व्यक्ति की व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है। समाज के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की सूचना धनेश्वर साहू एवं उनके परिवार को विधिवत दी जाती रही है। आयोजनों के दौरान उनसे आर्थिक सहयोग भी लिया जाता था और उनके द्वारा स्वेच्छा अथवा समाज के निर्णय के अनुसार सहयोग प्रदान किया जाता रहा है।

नियमों और सामूहिक व्यवस्था के अनुसार होता है संचालन

बैठक में समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण साहू समाज तर्रागोंदी लंबे समय से जनकल्याणकारी, रचनात्मक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। समाज की सामाजिक व्यवस्था निर्धारित नियमों और सामूहिक निर्णयों के आधार पर संचालित होती है।

पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन एवं प्रदेश साहू संघ की नियमावली के विपरीत कोई ऐसा निर्णय नहीं लिया जाता, जिससे सामाजिक व्यवस्था या प्रतिनिधित्व पर सवाल खड़ा हो। समाज की कार्यप्रणाली आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता पर आधारित है।

कथित आरोपों और दावों पर भी जताई आपत्ति

बैठक में धनेश्वर साहू द्वारा समाज के संबंध में लगाए गए कथित आरोपों एवं दावों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीण साहू समाज के पदाधिकारियों ने इन बातों का खंडन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में समाज की वास्तविक व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की गई है।

पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समाज का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारा और संगठनात्मक एकता को मजबूत बनाए रखना है।

ग्रामीण साहू समाज तर्रागोंदी ने मीडिया और सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए आम लोगों से अपील की है कि किसी भी जानकारी पर विश्वास करने अथवा उसे आगे प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें।

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