राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: 13 जुलाई तक बढ़ी आठों आरोपियों की रिमांड, बाथरूम में छिपाकर बाहर पहुंचाई जाती थी नकदी!
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने सभी आठ आरोपियों की न्यायिक रिमांड 13 जुलाई तक बढ़ा दी है। सोमवार को सभी आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। मामले की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है।
जांच के दौरान सामने आया है कि चढ़ावे की रकम कथित तौर पर गिनती के दौरान अलग कर बाथरूम में छिपाई जाती थी। बाद में मौका मिलने पर नकदी मंदिर परिसर से बाहर निकालकर एक तय मकान में पहुंचाई जाती, जहां उसका बंटवारा होता था। पुलिस का दावा है कि यह पूरा खेल पिछले दो से तीन वर्षों से चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 60 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव ने कई अहम जानकारियां दी हैं। जांच एजेंसियां अब उन बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं, जिनके नाम पूछताछ में सामने आए हैं।
यह मामला तब सामने आया जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं। कोई चढ़ावे की गिनती में तैनात था, कोई पूरी प्रक्रिया की निगरानी करता था, जबकि कुछ आरोपी कथित तौर पर रकम को ठिकाने लगाने और उसके बंटवारे में शामिल थे। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

