धमतरी में हादसों का कहर: कुछ घंटों में तीन जिंदगियां बुझीं, कई परिवार उजड़े
उत्तम साहू
धमतरी जिले में सड़कें इन दिनों सुरक्षित नहीं रहीं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दर्दनाक हादसों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। महज कुछ ही घंटों के भीतर तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। हर हादसे के पीछे एक परिवार का टूटता सपना और अपनों का असमय बिछोह छुपा है।
सुबह की सैर बनी आखिरी यात्रा
भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरा बी निवासी सेवानिवृत्त प्रधान पाठक चोवाराम सिन्हा (84 वर्ष) रोज की तरह 17 दिसंबर की सुबह टहलने निकले थे। गोठान से आगे अटल व्यवसायिक परिसर के पास घूमने के बाद जब वे सुपेला रोड पार कर घर लौट रहे थे, तभी कोहरे के बीच तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। रेत से लदा हाईवा उन्हें करीब 25 फीट तक घसीटते हुए ले गया। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घना कोहरा हादसे की बड़ी वजह बना। पुलिस ने हाईवा चालक को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शाम की दवा लेने निकले, लौटे नहीं
इससे पहले 16 दिसंबर की शाम मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम भरदा में एक और दर्दनाक हादसा हुआ। गांव के ही दो दोस्त—तरुण कुमार साहू (27) और संजय साहू—दवा लेने बाइक से मगरलोड गए थे। लौटते समय शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी बाइक सामने से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि संजय साहू की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल तरुण को जिला अस्पताल लाया गया, जहां रात 10:10 बजे डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। दो युवाओं की असमय मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
हादसों पर सवाल, जिम्मेदारी किसकी?
लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और कोहरे में लापरवाही जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन इन हादसों ने जिले के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
धमतरी की सड़कों पर पसरा यह सन्नाटा उन जिंदगियों की याद दिलाता है, जो अचानक काल के गाल में समा गईं।

