साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, लिए गए कई बड़े फैसले
रायपुर। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्यहित, महिला सशक्तीकरण, सैनिक कल्याण, उद्योग, खनन, पशुपालन और वित्तीय मामलों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
सबसे बड़ा फैसला छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में लिया गया। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश Ranjana Prakash Desai की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर प्रारूप तैयार करेगी।
महिलाओं के हित में सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। इससे महिलाओं को संपत्ति अर्जन और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलेगी।
राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को भी राहत दी गई है। अब उन्हें छत्तीसगढ़ में 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट मिलेगी।
कैबिनेट ने औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियमों में संशोधन को मंजूरी देते हुए उद्योगों के लिए भूमि आवंटन, वित्तीय संस्थाओं से ऋण सुविधा और PPP मॉडल को बढ़ावा देने का रास्ता साफ किया है। इससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
खनन क्षेत्र में भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। रेत खदानों के संचालन, अवैध उत्खनन और परिवहन पर कठोर प्रावधान किए गए हैं। अवैध खनन पर अब न्यूनतम 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
पशुपालन क्षेत्र में सरकार ने दुधारू पशु प्रदाय योजना का दायरा बढ़ाते हुए सभी वर्गों के हितग्राहियों को लाभ देने का फैसला किया है। साथ ही पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए टीकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु Indian Immunologicals Limited से खरीदी की अनुमति दी गई है।
बैठक में वित्तीय मोर्चे पर भी बड़ा निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्वों के बंटवारे के तहत छत्तीसगढ़ को 10,536 करोड़ रुपये की राशि वापस मिलने पर सहमति बनी है। इसमें से 2,000 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि छह वार्षिक किश्तों में दी जाएगी।
इसके अलावा आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक व्यवस्था और राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के विकास और जनहित के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

