नाबालिग से लैंगिक अपराध के आरोपी को 20 साल की सजा
बिरेझर चौकी पुलिस की मजबूत विवेचना और साक्ष्यों से आरोपी दोषी साबित,एसपी भावना पांडेय ने विवेचना अधिकारी को पुरस्कृत करने की घोषणा की
उत्तम साहू,धमतरी, 18 जुलाई 2026। नाबालिग के अपहरण और लैंगिक अपराध के मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चौकी बिरेझर, थाना कुरूद में दर्ज प्रकरण में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी), धमतरी ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, चौकी बिरेझर में अपराध क्रमांक 199/2024 के तहत नाबालिग के अपहरण एवं लैंगिक अपराध का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाणों के आधार पर पीड़ित बालिका को सकुशल बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376(2)(जे)(एन) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा
अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी से संतुष्ट होकर न्यायालय ने आरोपी कोमल लहरे (21 वर्ष), निवासी मोहदा, थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने—
- धारा 363 भादंवि के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड।
- धारा 366 भादंवि के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड।
- पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3,000 रुपये अर्थदंड।
की सजा सुनाई है।
उत्कृष्ट विवेचना पर निरीक्षक चंद्रकांत साहू होंगे पुरस्कृत
पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय (भा.पु.से.) ने प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना, सशक्त साक्ष्य संकलन और प्रभावी न्यायालयीन समन्वय के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू के कार्य की सराहना की है। एसपी ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना के साथ आरोपियों को कानून के तहत कठोर सजा दिलाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है।

