तहसील कार्यालय नगरी में जनता बेहाल, सुविधाएं बदहाल!
न पानी की व्यवस्था, न महिला-पुरुषों के लिए अलग शौचालय, पार्किंग भी बनी परेशानी का सबब; आदिवासी कांग्रेस ने विभागीय व्यवस्था पर उठाए सवाल
मनोज साक्षी बोले—“पुराना कार्यालय है, लेकिन जनता को पुराने जमाने की सुविधाएं क्यों?”
उत्तम साहू,नगरी/धमतरी। तहसील कार्यालय नगरी में रोजाना अपनी समस्याओं और जरूरी सरकारी कामों को लेकर पहुंचने वाले हजारों ग्रामीणों को इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालय में घंटों इंतजार करने वाली जनता के लिए पीने का पानी, शौचालय और व्यवस्थित पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम और न्यायालयीन कार्यों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग सुबह से शाम तक कार्यालय परिसर में अपनी बारी और काम के लिए इंतजार करते हैं, लेकिन इस दौरान उनकी बुनियादी जरूरतों की ओर जिम्मेदार विभाग का ध्यान नहीं है।
पानी के लिए जनता परेशान, वॉटर कूलर तक नहीं
आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज साक्षी ने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय परिसर में आम जनता के लिए पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सरकारी काम के लिए इंतजार करने वाले ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब तहसील कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचते हैं, तो वहां आरओ या वॉटर कूलर की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं की गई? क्या जनता को अपने ही सरकारी कार्यालय में पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ेगा?
एकमात्र मूत्रालय भी बदहाल, महिलाओं के लिए अलग शौचालय नहीं
तहसील कार्यालय की शौचालय व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि परिसर में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। वहीं एकमात्र मूत्रालय गंदगी से भरा हुआ है और पानी के अभाव में उपयोग के लायक नहीं रह गया है।
साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों के लिए यह स्थिति बेहद असुविधाजनक है।
पार्किंग के नाम पर अव्यवस्था, पैदल चलना भी मुश्किल
कार्यालय परिसर में वाहनों की पार्किंग भी पूरी तरह अव्यवस्थित बताई जा रही है। शेड के नीचे बेतरतीब तरीके से खड़ी मोटरसाइकिलों के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इतना ही नहीं, इसी अव्यवस्था के चलते लोगों के लिए मूत्रालय तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि इतने महत्वपूर्ण कार्यालय परिसर में वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
“जनता से सुविधा शुल्क नहीं, सम्मानजनक व्यवस्था चाहिए”
मनोज साक्षी ने कहा कि तहसील कार्यालय भले ही पुराना हो, लेकिन जनता को पुराने जमाने की सुविधाओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने मांग की कि एसडीएम कार्यालय के बाजू पेड़ों के पास उपलब्ध खाली स्थान पर महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग नए शौचालय बनाए जाएं।
उन्होंने शौचालयों की प्रतिदिन नियमित सफाई, परिसर में आरओ या वॉटर कूलर की स्थापना, वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग तथा पूरे कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई की मांग की है।
मनोज साक्षी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही तहसील कार्यालय में जनता के लिए सम्मानजनक और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी और इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।
अब देखना यह है कि जनता की रोजमर्रा की परेशानियों पर जिम्मेदार विभाग कब ध्यान देता है और तहसील कार्यालय नगरी को केवल सरकारी कामकाज का केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के लिए सुविधाजनक परिसर कब बनाया जाता है।

