खरीफ सीजन से पहले प्रशासन अलर्ट: खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, कालाबाजारी पर कड़ी नजर

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खरीफ सीजन से पहले प्रशासन अलर्ट: खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, कालाबाजारी पर कड़ी नजर



उत्तम साहू,धमतरी, 30 मई 2026। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में उर्वरक एवं बीज के भंडारण, वितरण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन के अनुसार जिले की 96 सहकारी समितियों में 7,313 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जबकि सहकारी एवं निजी क्षेत्र में कुल 28,241 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग ने बताया कि यूरिया, डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों की मांग के अनुसार लगातार आपूर्ति की जा रही है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों के हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को खाद-बीज वितरण में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कालाबाजारी रोकने उड़नदस्ता सक्रिय

उर्वरकों और बीजों की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा नकली उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर विशेष जांच दल (उड़नदस्ता) गठित किए गए हैं। ये दल सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

किसानों को नजदीक में मिलेगी खाद

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही खाद-बीज उपलब्ध हो सके। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसानों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

नैनो यूरिया और जैविक खेती को बढ़ावा

संभावित आपूर्ति चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। वहीं, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए मूंग और ढैंचा के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और नील हरित काई के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सुशासन तिहार और विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविरों में किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन और जैविक खेती की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।

किसानों से अपील

कृषि विभाग ने किसानों से केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही खाद-बीज खरीदने तथा कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि जिले के प्रत्येक किसान को समय पर और उचित मूल्य पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सके।

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