जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते डेढ़ सौ छात्राएं हो रही है शर्मशार
अव्यवस्था के बीच हो रही है विद्यालय का संचालन
क्षेत्रीय विधायक लक्ष्मी ध्रुव को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन समस्याओं का नहीं हुआ समाधान
उत्तम साहू /दबंग छत्तीसगढ़िया न्यूज
धमतरी/ मगरलोड - सिहावा विधानसभा क्षेत्र के ब्लाक मुख्यालय मगरलोड के हायर सेकंडरी स्कूल में सह शिक्षा के चलते लगभग डेढ़ सौ बालिकाएं अध्यनरत हैं लेकिन इस स्कूल में छात्राओं के लिए अलग से यूरेनस व शौचालय नहीं होने के कारण छात्राओं को शर्मसार होना पड़ रहा है,
विकास की दावा करने वाली विधायक को शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोहनलाल चक्रधारी के द्वारा कई बार बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय बनाने के लिए निवेदन किया जा चुका है इसके बावजूद भी छात्र-छात्राओं के लिए एक शौचालय तक नहीं बनवा सकी है
जबकि नियमानुसार स्कूलों में लड़के और लड़कियों, के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय होते हैं, लेकिन इस स्कूल में छात्र और छात्राएं मजबूरी मे एक ही टॉयलेट और यूरेनस का इस्तेमाल करने मजबूर है
गौरतलब है कि मगरलोड ब्लाक मुख्यालय में नगर के मध्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का संचालन 1965 से किया जा रहा है,यह स्कूल सबसे पुराना है, और उसी हाईस्कूल में हायर सेकेंडरी संचालित हो रहा है, नगर के बीचोंबीच होने के कारण कोई भी शासकीय कार्य जैसे चुनाव से संबंधित,ओपन परीक्षा, इको क्लब स्टूडेंट पुलिस कैडेट सहित अन्य कार्य इसी स्कूल में संपन्न कराया जाता है, इसके बावजूद
स्कूल के समस्याओं को लेकर ना तो जिला प्रशासन गंभीर है ना ही शिक्षा विभाग प्रशासन के इस रवैए के चलते स्कूल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है,इस पुराने स्कूल में व्याप्त समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर जनदर्शन, जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, क्षेत्रिय विधायक को अवगत कराया गया है, ऐसी कोई जगह नहीं बचा होगा जहां फरियाद नहीं किया हो इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है
शाला प्रवेश उत्सव के मौके पर विधायक को आमंत्रित किया गया था जिसमें शामिल भी हुई इस दौरान शाला के समस्या से अवगत भी कराया गया, विधायक ने खुद अपनी आंखों से देखी भी, इसके बावजूद बालिकाओं के हित में एक शौचालय व युरेनेस नहीं बनवा पाई
नगर पंचायत मगरलोड की लापरवाही आई सामने
जर्जर भवन को मरम्मत कराने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत राशि आया है जिसका कार्य एजेंसी नगर पंचायत को बना दिया गया है, शासन के आदेशानुसार 16 जून 23 तक मरम्मत का कार्य पूर्ण करना था लेकिन नगर पंचायत के गैरजिम्मेदाराना हरकत के चलते आज तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है

