आदिवासी जमीन को हड़पने वाले को.. विधायक लक्ष्मी ध्रुव का संरक्षण
मामला आदिवासी की जमीन को गैर आदिवासी के नाम पर रजिस्ट्री करने का
उत्तम साहू
नगरी- भारत के संविधान में (अनुसूचित क्षेत्रों) के लिए पांचवी अनुसूची के जरिये आदिवासी क्षेत्रों में एक ऐसी व्यवस्था बनाने की पहल की गई, जिनसे आदिवासी समुदायों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उनकी अधिकारों की सुरक्षा किया जा सके
भारतीय संविधान में जनजातीय लोगों को विशेष दर्जा देने के लिए बहुत से प्रावधान अपनाया तथा सांसद और विधानसभाओं में सीट आरक्षित किया गया है,आदिवासियों के आवाज को बुलंद करने विभिन्न रक्षात्मक कानून बनाकर उनके हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है, नियमों के मुताबिक अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी के नाम पर रजिस्ट्री नहीं हो सकता, इसके बाद भी अधिकारी की मिली भगत एवं राजनैतिक संरक्षण में आदिवासी की जमीन को गैर आदिवासी के नाम पर रजिस्ट्री कर दिया गया है
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के धमतरी-जिले के सिहावा विधानसभा सीट क्रमांक 56 जो आदिवासियों के लिए सुरक्षित है इस सीट से आदिवासी समाज के ही लोग प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं, इसके बावजूद एक आदिवासी समाज की विधवा महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा है, बल्कि पीड़िता आदिवासी महिला को इन दबंगो ने अपने वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेज कर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी देकर डराया जा रहा है
आपको बता दें कि आदिवासी की 9 एकड़ जमीन को एक दबंग साहू परिवार ने बलपूर्वक हड़प कर तीन लोगों के नाम पर रजिस्ट्री करवा लिया है, इतना ही नहीं इन लोगों ने फर्जी रजिस्ट्री कराने के बाद मलिक मकबूजा के तहत सैकड़ो पेड़ कटवाकर लगभग 30 लाख रुपये की मुआवजा वन विभाग से प्राप्त कर लिया है, इस मामले में वर्तमान में कांग्रेस की विधायक लक्ष्मी ध्रुव अपने पद का दुरुपयोग कर आदिवासी समाज की विधवा महिला को इंसाफ दिलाने की बजाय उसकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है

