विधानसभा में मतदाता साइलेंट मोड़ पर.. 2018 की तुलना में ज्यादा मतदान होने की संभावना
उत्तम साहू
धमतरी/ 17 नवंबर जिले के विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है, सिहावा कुरूद और धमतरी विधानसभा में अजीब सी स्थिति है। मतदाता साइलेंट मोड में है। एक तरफ मतदाता कह रहा है कि उसे अच्छी सडक़ें और रोजगार चाहिए लेकिन किस प्रत्याशी को वोट देंगे, इस सवाल पर चुप्पी साध लेते हैं। फिर भी दबी जुबान में दिए जा रहे जवाब से उसके मूड का अंदाजा लग रहा है। सिहावा विधानसभा में भाजपा,कांग्रेस और हमर राज पार्टी के प्रत्याशियों में ही टक्कर है। कुरूद और धमतरी में भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला है,
हमने मतदाता से सीधे तौर पर मुद्दों की बात की तो उनका कहना है कि भाजपा के 15 साल और कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल को आंककर वोट डालने की बात वोटर कह रहा है। एक वोटर ने कहा कि उनको सबसे पहले अच्छी सडक़ें और नाली चाहिए। योजनाओं से कई लाभ मिलते ही हैं लेकिन मूलभूत सुविधाओं को लेकर उसकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी,इस बार जो भी जीते उससे बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की उम्मीद है।
आखिरी समय में मतदाता के मन को कौन जीत पायेगा कहा नहीं जा सकता,शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र दोनों में एक ही जैसी समस्याएं हैं जिनको दूर करने की आस मतदाता कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों को कुछ योजनाओं के लाभ से वंचित रहने की शिकायत भी है। किस प्रत्याशी को बेहतर मानते हैं, के सवाल पर मतदाता मौन रह जाता है। शहरी क्षेत्रों में मतदाता को दूसरी प्राथमिकताएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अलग हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की टोह ली गई तो मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। एक तरह से कहा जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा-कांग्रेस दोनों के बीच बराबर की लड़ाई है। ऐसे में शहरी वोटों पर पूरा दारोमदार है।

