कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर राजस्व अमला द्वारा किया गया करेली छोटी का निरीक्षण

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  कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर राजस्व अमला द्वारा किया गया करेली छोटी का निरीक्षण

मॉडल गांव "करेली छोटी" के निवासियों को मिलेगा आबादी पट्टा और गांव में रोजगारमूलक योजनाओं को मिलेगी गति



उत्तम साहू धमतरी, 06 जुलाई 2025/

धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड स्थित मॉडल गांव करेली छोटी को योजनाबद्ध तरीका से बनाने कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा द्वारा पहल किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मिश्रा के निर्देश पर गांव में स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी भूमि का सर्वेक्षण कार्य किया गया, जिसकी अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, तहसीलदार मगरलोड, सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, आरआई, पटवारी, सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में समीक्षा की गई।



कलेक्टर श्री मिश्रा द्वारा पूर्व में कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर आबादी पट्टा प्राप्त कर चुके ग्रामीणों को अब स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही गांव को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित कर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें सड़क, बिजली, पेयजल, ड्रेनेज जैसी सुविधाएं शामिल हैं।


गांव की विशेषताएं - "भिलाई की तर्ज पर सेक्टर आधारित बसाहट" 




 करेली छोटी गांव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह गांव भिलाई शहर की तर्ज पर सेक्टर सिस्टम के अनुसार बसाया गया है। गांव में 40 फीट चौड़ी सड़कें, 20 फीट की नालियां, सुनियोजित ड्रेनेज सिस्टम, स्कूल, मंदिर, खेल मैदान, राशन दुकान और श्मशान घाट जैसी सभी सुविधाएं एक मास्टर प्लान के अंतर्गत पहले ही निर्मित की जा चुकी हैं। यह अनोखी पहल गांव के पूर्वज मालगुजार दाऊ पवन कल्याण की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिन्होंने 1952 में गांव को बाढ़ की समस्या से बचाने के लिए 36 एकड़ क्षेत्र में पुनः बसाने का निर्णय लिया था। वर्ष 1953 में उन्होंने राजधानी भोपाल से इंजीनियर बुलाकर गांव का मास्टर प्लान तैयार कराया और बसाहट शुरू करवाई।


 सामाजिक संरचना और अनुशासन की मिसाल


गांव में हर परिवार को बेटों के हिसाब से प्लॉट आबंटन किया गया। गांव के विकास और आपातकालीन जरूरतों के लिए एक समिति गठित की गई, जो अब तक सक्रिय है। समिति द्वारा अंतिम संस्कार से लेकर सड़क मरम्मत, विद्युत व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों का खर्च वहन किया जाता है। गांव की समिति में आज भी 36 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा है। विशेष बात यह है कि गांव में अपराध की दर शून्य है। विवाद की स्थिति में समिति का निर्णय ही अंतिम माना जाता है, जिसके चलते थाने में आज तक गांव से जुड़ी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।


 रोजगार मूलक योजनाएं भी शुरू होंगी


कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने गांव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां छोटे उद्योगों की स्थापना की योजना की भी घोषणा की है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

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