नगरी ब्लॉक के दिव्यांगों को “सक्षम प्रोजेक्ट” के अंतर्गत मिला आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण
दिव्यांग बच्चों ने हुनर दिखाकर सबको किया प्रभावित
उत्तम साहू
नगरी / दिनांक 14 दिसंबर 2025 छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव 2025 के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में नगरी ब्लॉक में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के आदेशानुसार, डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, जिला प्रशासन धमतरी एवं उपसंचालक समाज कल्याण विभाग डॉ. मनीषा पाण्डेय के मार्गदर्शन में “सक्षम प्रोजेक्ट” के तहत दिव्यांगजनों को आज 14 दिसंबर 2025 को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम श्री बालाजी विशेष दिव्यांग आवासीय विद्यालय, देउरपारा (नगरी ब्लॉक) में आयोजित किया गया, जिसमें दिव्यांग प्रेरणा जनकल्याण समिति, जिला धमतरी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
गोबर एवं प्राकृतिक उत्पादों का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टर पोषण सिन्हा द्वारा गोबर से निर्मित उत्पादों जैसे धूप बत्ती, समरानी कप, हवन कुंड, शुभ-लाभ, गोबर के दीये आदि बनाने की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं पत्तल-दोना निर्माण का प्रशिक्षण होलाराम साहू एवं उनकी पत्नी श्रीमती रामेश्वरी साहू द्वारा दिया गया। प्रशिक्षकों ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से बच्चों को उत्पादन की बारीकियां सिखाईं, जिससे दिव्यांग प्रशिक्षार्थी उत्साहपूर्वक सीखते नजर आए।
बच्चों ने दिखाई गहरी रुचि
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छोटे-छोटे दिव्यांग बच्चों ने भी प्रशिक्षण में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा व रुचि का प्रदर्शन किया। बच्चों का आत्मविश्वास और सीखने का उत्साह देखकर उपस्थित अतिथियों ने उनकी सराहना की।
समाजसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर दिव्यांग प्रेरणा जनकल्याण समिति के संस्थापक श्री बसंत कुमार बिश्नोई, अध्यक्ष श्रीमती संतोषी बिश्नोई, सचिव सुलेखा, सह सचिव डेराराम साहू,समिति के संरक्षक घनश्याम साहू, सुमन साहू, मिलाप साहू, नगरी ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश भंडारी, उपाध्यक्ष पार्वती जी, सचिन कुमारी यादव सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम
विद्यालय के संस्थापक श्री खेमराज साहू ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को दिव्यांगजनों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से दिव्यांग बच्चे अपने हुनर के बल पर सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए “सक्षम प्रोजेक्ट” को और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह प्रशिक्षण न केवल हुनर सिखाने का माध्यम बना, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को भी नई ऊंचाइयों तक ले गया।

