धमतरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन को गति.. अटल इंडिकेटर रैंकिंग सुधार पर केंद्रित समीक्षा बैठक सम्पन्न
कलेक्टर ने कहा..“लक्ष्य आधारित कार्य करें, रैंकिंग सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता”
उत्तम साहू
धमतरी, 11 दिसंबर 2025/– जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती कल्पना धुर्व, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
अटल इंडिकेटर रैंकिंग सुधार पर विशेष फोकस
बैठक की शुरुआत कलेक्टर श्री मिश्रा ने अटल इंडिकेटर रैंकिंग की संकेतवार समीक्षा से की। उन्होंने साफ कहा कि जिले की रैंकिंग में सुधार प्राथमिकता का विषय है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य करें।
कलेक्टर ने उन संकेतकों पर विशेष जोर दिया जिनमें प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम है तथा तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मातृ–शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और कुपोषण उन्मूलन पर बल
बैठक में संस्थागत प्रसव बढ़ाने, टीकाकरण कवरेज में सुधार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, कुपोषण कम करने और टीबी–मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि “हर मातृ–शिशु तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और समय पर सेवाएँ पहुँचना ही हमारी वास्तविक सफलता है।”
स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताते हुए OPD और IPD सेवाओं को बेहतर करने, आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता, उपकरणों का रख-रखाव और मानव संसाधन की कमी दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की ब्लॉकवार समीक्षा
बैठक में RMNCH+A, UIP (टीकाकरण), NTEP (टीबी नियंत्रण), मलेरिया-फाइलेरिया उन्मूलन, NCD, पोषण अभियान, एनीमिया मुक्त भारत आदि कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
टीबी के मामलों की निगरानी, सिकलसेल स्क्रीनिंग की प्रगति, लैप्रोस्कोपी सेवाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की फॉलो-अप की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक लाभार्थी की समय-समय पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
HIMS पोर्टल में सटीक डेटा प्रविष्टि पर जोर
बैठक में डेटा की गुणवत्ता को स्वास्थ्य सेवाओं की नींव बताते हुए कलेक्टर ने HIMS पोर्टल में समय पर एवं सही प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने और डेटा को पूर्णतः पारदर्शी रखने पर बल दिया।
कलेक्टर ने कहा— “विश्वसनीय डेटा ही सही योजना निर्माण, बेहतर मॉनिटरिंग और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करता है।”
CMHO ने दी विभागीय तैयारियों की जानकारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत रूप से लागू किया जा रहा है।
इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट संकेत मिला कि जिला प्रशासन अब स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार और जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में और अधिक कड़ाई व तत्परता से कार्य करेगा।

