🎭 प्रेम विवाह की कीमत: छेरछेरा पर्व पर रिश्तों का खूनी अंत
सूरजपुर। जिस दिन गांव में छेरता पर्व की खुशियां गूंजनी चाहिए थीं, उसी दिन द्वारिकानगर में एक घर से मातम की आवाज उठी। प्रेम विवाह से उपजी नाराजगी ने ऐसा भयानक रूप ले लिया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मृतक रामलल्लू अगरिया (30) का चार साल पुराना प्रेम विवाह ही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा “अपराध” बन गया। पत्नी टिकेश्वरी के मायके वाले इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं कर पाए। अंदर ही अंदर पलती वही नाराजगी शनिवार को हिंसा बनकर फूट पड़ी।
🍶 मामूली विवाद, बड़ा खूनी अंजाम
छेरछेरा पर्व के दिन शाम ढलते-ढलते माहौल अचानक बदल गया। बताया जा रहा है कि शराब पीने के दौरान छोटे साले से कहासुनी हुई और देखते ही देखते ससुराल पक्ष के लोग उग्र हो उठे।
कुछ ही देर में 6–7 लोग हथियारों के साथ रामलल्लू के घर पहुंच गए। लाठी-डंडे और टांगी से उस पर हमला कर दिया गया।
बीच-बचाव में आए भाई अनिल को भी नहीं छोड़ा गया। शोर सुनकर जब लोग जमा हुए, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
🏥 अस्पताल में टूटी सांसें
गंभीर रूप से घायल रामलल्लू को पहले स्थानीय इलाज और फिर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं पूरा गांव सदमे में डूब गया।
🚔 पुलिस कार्रवाई जारी
लटोरी चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हत्या का मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक यह वारदात सिर्फ तात्कालिक विवाद नहीं, बल्कि पुरानी पारिवारिक रंजिश और प्रेम विवाह की नापसंदगी का नतीजा है।
❗ सवालों के घेरे में समाज
छेरछेरा जैसे पर्व पर हुई यह घटना रिश्तों और सामाजिक सोच पर बड़ा सवाल खड़ा करती है—
क्या आज भी प्रेम विवाह की सजा जान से चुकानी पड़ेगी?
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

