महानदी एकेडमी में दो दिवसीय ‘ज्योतिर्गमय’ शैक्षणिक महोत्सव संपन्न
शिक्षा के साथ बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास का हुआ विकास
उत्तम साहू
नगरी (छत्तीसगढ़)। स्थानीय शैक्षणिक संस्थान महानदी एकेडमी, नगरी द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षणिक एवं प्रतिभा संवर्धन महोत्सव ‘ज्योतिर्गमय’ 19 व 20 जनवरी को विद्यालय परिसर देउरपारा (कर्णेश्वर धाम के पास) में भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में निहित जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करना रहा।
महोत्सव के दौरान कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने कविता पाठ, गीत, नृत्य, नाट्य प्रस्तुति, पठन–लेखन प्रदर्शन, आदर्श नोटबुक, शैक्षणिक चार्ट एवं प्रदर्शनी जैसी विविध रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को अत्यंत प्रभावित किया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास, सृजनात्मक सोच एवं व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के निदेशक मंडल मोहन नाहटा, निकेश सिंह ठाकुर, अहमद रज़ा, अजय कुमार छाजेड़ एवं शशांक सलाम का विशेष मार्गदर्शन रहा। वहीं प्रधानाचार्य शिव कुमार साहू के नेतृत्व में कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली रूप प्रदान किया गया।
शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में श्रीमती तुलेश्वरी शेरपा, श्रीमती खुशबू साहू, श्रीमती दलश्वरी साहू, श्री फनिश साहू, श्री नरेंद्र कुमार, तथा सहयोगी शिक्षकों श्रीमती माधुरी सेन, श्रीमती भावना साहू, सुश्री रिया दास, श्री ज्वाला प्रसाद साहू एवं श्री दुष्यंत तारक का उल्लेखनीय योगदान रहा।
समापन समारोह के अवसर पर मीडिया जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम संयोजक श्री प्रमोद सिंह राजपूत ने मंच से सभी मुख्य अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों के आयोजन की बात कही।
महानदी एकेडमी द्वारा आयोजित ‘ज्योतिर्गमय’ शैक्षणिक महोत्सव शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन एवं रचनात्मकता का प्रेरणादायक उदाहरण बना।




