प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जनसुविधा को प्राथमिकता
उत्तम साहू,धमतरी, 05 फरवरी 2026।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक अहम निर्णय लिया है। मंत्रालय, महानदी भवन से जारी आदेश के तहत अधिकारियों की कार्यालयीन उपस्थिति एवं क्षेत्र भ्रमण को सुव्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट समय-सारणी निर्धारित की गई है।
राज्य शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया था कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों के लगातार क्षेत्र भ्रमण और दौरों के चलते कार्यालयीन कार्यों के निष्पादन में बाधा उत्पन्न हो रही थी, वहीं आम नागरिकों को अधिकारियों से प्रत्यक्ष भेंट का अवसर भी सीमित हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने जनहित को सर्वोपरि मानते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है।
जारी आदेशानुसार, राज्य के समस्त राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारी मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय अथवा कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान कार्यालयीन नस्तियों का समयबद्ध निराकरण, विभागीय समीक्षा बैठकें, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे आमजन को अपनी शिकायतों और समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों से सीधे संपर्क का अवसर मिलेगा।
वहीं गुरुवार और शुक्रवार को अधिकारियों के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण, विभागीय भ्रमण, योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा एवं अन्य बाह्य प्रशासनिक गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है। इससे जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था, अति-आवश्यक प्रशासनिक कार्य अथवा वरिष्ठ कार्यालय द्वारा आहूत बैठकों जैसी विशेष परिस्थितियों में ही निर्धारित समय-सारणी में परिवर्तन मान्य होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा।
यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ जनसामान्य को त्वरित, पारदर्शी और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

