एक झपकी, तीन जिंदगियां खत्म,सड़क हादसे ने छीनी गरियाबंद के तीन लोगों की सांस
जगदलपुर। कभी हँसी-मजाक से भरी स्कॉर्पियो, तो कभी घूमने की थकान… लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि सफर का अंत इतना भयावह होगा। जगदलपुर में देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जबकि दस लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
गरियाबंद जिले से जगदलपुर घूमने आए लोग जब वापस लौट रहे थे, तभी उनकी खुशियों से भरी यात्रा मातम में बदल गई। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित हुई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।
झपकी बनी मौत की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात के सफर के दौरान ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई। पल भर की असावधानी ने पूरे वाहन का संतुलन बिगाड़ दिया और स्कॉर्पियो सीधे पेड़ से जा भिड़ी। बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, जिससे हादसे की भयावहता और बढ़ गई।
चीख-पुकार और अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए दौड़े और पुलिस-एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद वाहन से बाहर निकाला गया और तत्काल लोहंडीगुड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
मेकाज रेफर, हालत नाजुक
प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को महारानी अस्पताल (मेकाज), जगदलपुर रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
तीन घरों में पसरा मातम
इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही खबर परिजनों तक पहुंची, अस्पताल और थाने में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजनों का दर्द हर आंख को नम कर गया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वाहन जब्त कर लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

