चैतमा में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का खेल, राजस्व विभाग बेबस, शिकायतों के बाद भी धड़ल्ले से निर्माण
ज्ञान शंकर तिवारी
चैतमा। ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि गांव में स्कूल, बाजार, वन विभाग के लिए आरक्षित जमीन सहित कई शासकीय स्थलों पर खुलेआम कब्जा कर मकान और दुकानें बनाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में नाकाम नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पुराने बायपास रोड मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से मकान और दुकानों का निर्माण जारी है। बताया जा रहा है कि एक ही व्यक्ति द्वारा पहले से कब्जाई जमीन के अतिरिक्त नई शासकीय भूमि पर भी निर्माण कराया जा रहा है और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर कब्जा कर मकान बनवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर कब्जाई गई जमीन की खरीदी-बिक्री तक किए जाने की बात सामने आ रही है।
इस संबंध में पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी पाली और तहसीलदार पाली को शिकायत दी गई थी, लेकिन आरोप है कि निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई। इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले और बढ़ गए हैं और वे बिना किसी भय के लगातार निर्माण कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की शासकीय भूमि पर बड़ा मकान और कॉम्प्लेक्स, मछली बाजार के पास दुकानें, बांसटाल क्षेत्र में बड़े मकान-दुकान, सोसायटी के पास उचित मूल्य दुकान व धान खरीदी केंद्र चबूतरा के आसपास भी अतिक्रमण किया गया है। कई मामलों में स्थगन आदेश के बाद भी निर्माण जारी रहने की शिकायत है।
यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ अतिक्रमणकारी खुलेआम अधिकारियों के नाम लेकर दावा करते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्राम पंचायत की चुप्पी भी ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि शासकीय भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, अवैध निर्माण हटाया जाए तथा कब्जाई गई भूमि की खरीदी-बिक्री करने वालों, दस्तावेज तैयार करने वालों और गवाह बनने वालों पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में गांव में शासकीय भूमि बचाना मुश्किल हो जाएगा।

