मानव तस्करी व बाल संरक्षण पर धमतरी में संयुक्त कार्यशाला

0

 मानव तस्करी व बाल संरक्षण पर धमतरी में संयुक्त कार्यशाला

पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग, साइबर अपराध और पॉक्सो कानून पर मिला गहन प्रशिक्षण



उत्तम साहू 

धमतरी, 21 फरवरी। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा संवेदनशील पुलिसिंग को सशक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग और धमतरी पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित आजीविका महाविद्यालय (लाइवलीहुड कॉलेज) में एक दिवसीय व्यापक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया।


कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक परिहार ने कहा कि मानव तस्करी, महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस की भूमिका अत्यंत संवेदनशील, जवाबदेह और मानवीय होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर प्रकरण में पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाए, महिलाओं-बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। साइबर माध्यम से होने वाले अपराधों पर विशेष सतर्कता और तकनीकी दक्षता विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।


विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण


कार्यशाला में मानव तस्करी एवं अनैतिक व्यापार की रोकथाम, पीड़ित संरक्षण, पुनर्वास और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन ठगी, साइबर स्टॉकिंग, सोशल मीडिया दुरुपयोग तथा बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों की जांच और कानूनी प्रावधानों पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।


इसके साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 के तहत शिकायत प्रक्रिया, विशेष न्यायालय व्यवस्था, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) गठन, गोपनीयता और समयबद्ध जांच जैसे प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।


अधिकारी-विशेषज्ञ रहे उपस्थित


कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, डीएसपी मोनिका मरावी, जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय सिंह, महिला संरक्षण अधिकारी अनामिका शर्मा, डीसीपीयू के आनंद पाठक तथा साइबर थाना प्रभारी प्रदीप सिंग सहित महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस के अनेक अधिकारी मौजूद रहे। जिले के विभिन्न थानों, चौकियों, महिला सेल, साइबर शाखा एवं रक्षित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता की।


कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों-कर्मचारियों को मानव तस्करी और महिलाओं-बच्चों से संबंधित अपराधों में विधिक प्रावधानों की गहन समझ देना, पीड़ित-केंद्रित कार्यप्रणाली विकसित करना तथा अंतर्विभागीय समन्वय को और मजबूत बनाना रहा।



Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !