नगरी के विकास को रफ्तार: फोरलेन सड़क निर्माण की मांग तेज, मंत्री से हुई अहम चर्चा
उत्तम साहू
नगरी। नगर में बढ़ते यातायात दबाव और संकरी मुख्य सड़क से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद अब मजबूत होती दिख रही है। नगर पंचायत नगरी ने बजरंग चौक से हरदी घाटा चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा से मुलाकात कर परियोजना पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य मार्ग पर बढ़ता दबाव, फोरलेन की जरूरत
अध्यक्ष ने मंत्री को बताया कि बजरंग चौक से हरदी घाटा चौक तक का मार्ग नगर का सबसे व्यस्त यातायात मार्ग है। यहां से भारी वाहन, स्कूली बसें और हजारों नागरिक प्रतिदिन गुजरते हैं। सड़क की संकरी चौड़ाई के कारण जाम, दुर्घटनाएं और देरी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण कर फोरलेन निर्माण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
34 करोड़ की परियोजना, स्वीकृति का इंतजार
बताया गया कि फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव पहले ही मूल बजट में शामिल है और लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना तैयार की जा चुकी है। अब प्रशासनिक स्वीकृति और फंड जारी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। अध्यक्ष ने मंत्री से अनुरोध किया कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से स्वीकृति दिलवाकर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराएं।
अन्य विकास मांगें भी सौंपीं
प्रतिनिधिमंडल ने नगर के प्रमुख आयोजन स्थल राजा बड़ा में डोम निर्माण हेतु 30 लाख रुपये तथा हाई स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम बनाने के लिए 1 करोड़ 13 लाख रुपये की मांग का ज्ञापन भी मंत्री को सौंपा।
मंत्री का आश्वासन, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विषय पर त्वरित कार्रवाई कर शासन स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस दौरान जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम सहित पार्षद अश्वनी निषाद, शंकरदेव, विनिता कोठारी, चेलेश्वरी साहू और अंबिका ध्रुव उपस्थित रहे।
नगरवासियों में उम्मीद
अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने कहा कि फोरलेन सड़क नगर के समग्र विकास और सुरक्षित, सुगम यातायात के लिए जरूरी है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरी होने से जाम और दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी।
प्रस्ताव को लेकर नगर में उत्साह का माहौल है और अब सभी की नजर प्रशासनिक स्वीकृति पर टिकी है।

