कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति व धमतरी डेवलपमेंट फोरम की बैठक सम्पन्न
निवेश व औद्योगिक विकास को गति देने पर हुआ मंथन
उत्तम साहू
धमतरी, 19 मार्च 2026। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति एवं धमतरी डेवलपमेंट फोरम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों एवं औद्योगिक ढांचे पर प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि धमतरी कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिससे यहां लघु, मध्यम एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि सड़क, जल एवं विद्युत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
बैठक में डायवर्सन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा, उद्योगों के लिए उपलब्ध लैंड बैंक, नए निवेश प्रस्ताव तथा औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य शासन की औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत मिलने वाले अनुदानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में जीजामगांव स्थित फूड पार्क संचालित हो रहा है, जबकि करेली बड़ी और श्यामतराई में औद्योगिक क्लस्टरों का विकास कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा छाती एवं कचना क्षेत्र में मेगा फूड पार्क के लिए भूमि चिन्हांकन किया गया है। जिले में कुल पांच औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि “सिंगल विंडो सिस्टम” को प्रभावी बनाकर उद्योगों को समय-सीमा में अनुमति दी जा रही है। रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई से निकटता, भारतमाला परियोजना के तहत बेहतर सड़क संपर्क और प्रस्तावित रेल सुविधा से धमतरी निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन रहा है। धमतरी और कुरूद में रेलवे रैक प्वाइंट निर्माण से परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में उद्योगपतियों ने भूमि, बिजली, परिवहन और बैंकिंग से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को प्राथमिकता देते हुए निवेशकों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कलेक्टर ने स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद से धमतरी को उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
बैठक में वनोपज संघ, राइस मिलर्स एसोसिएशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में महाप्रबंधक श्री लोकपाल खांडेकर ने आभार व्यक्त किया।
समग्र रूप से, धमतरी जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास, लैंड बैंक निर्माण और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते यह क्षेत्र तेजी से निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

