🔥 तपती धरती, उबलता आसमान: छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ इन दिनों आग के दरिया से गुजर रहा है। सूरज मानो सिर पर ठहर गया हो और धरती तवे की तरह तप रही हो। बीते 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालात ऐसे हैं कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल राहत की कोई बड़ी उम्मीद नहीं है। आने वाले तीन दिनों तक तापमान इसी तरह लोगों की परीक्षा लेता रहेगा, हालांकि इसके बाद हल्की गिरावट के संकेत जरूर हैं। राजधानी रायपुर में भी हालात कुछ अलग नहीं—यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास बना रहने का अनुमान है, साथ ही लू के थपेड़े लोगों को बेहाल करते रहेंगे।
इस बीच मौसम के मिजाज में हल्का बदलाव भी दस्तक दे सकता है। 26 अप्रैल के आसपास कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर बस्तर संभाग में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जहां आंधी-तूफान के साथ मौसम अचानक करवट ले सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस उथल-पुथल के पीछे कई सिस्टम सक्रिय हैं—पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवात, कर्नाटक से कोमोरिन तक फैली द्रोणिका और महाराष्ट्र के आसपास विकसित प्रति चक्रवात। साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भी मौसम को बदलने में भूमिका निभा रही है।
⚠️ सावधानी ही बचाव:
भीषण गर्मी और बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। दोपहर की धूप से बचें, भरपूर पानी पिएं और खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों व बीमारों का ध्यान रखें—क्योंकि फिलहाल गर्मी का यह इम्तिहान अभी जारी है।

