आर्थिक कठिनाई से किसी छात्रा की पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए: कलेक्टर
महाविद्यालयों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति, प्रवेश और रोजगारपरक प्रशिक्षण पर जोर
उत्तम साहू
धमतरी, 17 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने सोमवार को जिले के शासकीय महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक लेकर उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति योजनाओं और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन और विभिन्न संस्थाओं की योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों एवं युवाओं तक पहुंचाना संबंधित संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्राचार्यों को योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए सक्रिय पहल करने के निर्देश दिए।
छात्राओं को छात्रवृत्ति दिलाने विशेष अभियान
बैठक में कलेक्टर ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा छात्राओं के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजना की विशेष रूप से समीक्षा की। योजना के तहत पात्र छात्राओं को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। कलेक्टर ने सभी महाविद्यालयों में पात्र छात्राओं की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने महाविद्यालय स्तर पर टीम गठित कर छात्राओं के आवेदन भरवाने और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी छात्रा की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली छात्राओं को भी इस वर्ष योजना का लाभ मिलेगा, जिसके लिए आवेदन का नवीनीकरण कराना होगा। इसके लिए आगामी शुक्रवार और शनिवार को सभी महाविद्यालयों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन भरवाने तथा प्रत्येक महाविद्यालय में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना से संबंधित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इसके माध्यम से पात्र छात्राओं को योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
गांवों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए करें प्रेरित
कलेक्टर ने महाविद्यालयों में अब तक हुए प्रवेश की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों और गांवों से विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने सिहावा क्षेत्र सहित सिंगपुर, बेलरगांव, आकलाडोंगरी आदि गांवों में विद्यार्थियों और अभिभावकों से संपर्क कर उच्च शिक्षा, उपलब्ध पाठ्यक्रमों और छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों से घर-घर संपर्क कर उन्हें उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ा जाए। जानकारी के अभाव में कोई भी विद्यार्थी कॉलेज प्रवेश अथवा छात्रवृत्ति जैसे महत्वपूर्ण अवसर से वंचित न रहे। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध शैक्षणिक और रोजगारपरक अवसरों की जानकारी भी विद्यार्थियों तक नियमित रूप से पहुंचाने को कहा।
एआई प्रशिक्षण से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
बैठक में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि जिले में युवाओं के तकनीकी और डिजिटल कौशल को विकसित करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
वर्तमान में बालक चौक स्थित परिसर में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का छह माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें एआई की मूल अवधारणाओं के साथ इसके व्यावहारिक उपयोग और आधुनिक कार्यक्षेत्र में इसकी संभावनाओं की जानकारी दी जा रही है।
कलेक्टर ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों को 12वीं उत्तीर्ण, स्नातक तथा पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को इस प्रशिक्षण से अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में डिजिटल और तकनीकी दक्षता युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोल सकती है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें कौशल, तकनीक और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र विद्यार्थियों और युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अरुण वर्मा, संयुक्त कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, सहायक संचालक शिक्षा श्री यदुनंदन वर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विमल साहू, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री गुलशन कुमार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

