जातिगत जनगणना कराने वाली पार्टियों को वोट करेगी ओबीसी समाज....आलोक सिन्हा
ओबीसी समाज के वज़ह से ही भाजपा आज सत्ता में है
उत्तम साहू
धमतरी/ नगरी - ओबीसी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने खुला आव्हान किया है कि देश मे शासन करनेवाले सतर्क हो जाए अब देश का ओबीसी आदिवासी और दलित समाज जाग चुका है हमें और बेवकूफ बना प्रताड़ित नही कर पाओगे. जनगणना और जनसंख्या के अनुपात मे आरक्षण अधिकार और सुविधाएं मुहैया नहीं होने पर सत्ता से बेदखल करने की ताकतें भी रखते है, यह बातें भाजपा के वरिष्ठ नेता और ओबीसी महासंघ के छत्तीसगढ़ प्रदेश के उपाध्यक्ष आलोक सिंन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र की भाजपा सरकार पर जातिगत जनगणना नहीं कराने पर कटाक्ष किया उन्होंने कहा कि भारत में हजारों वर्षों से रहने वाले मूलनिवासी ओबीसी,आदिवासी, दलित समाज के साथ पांच फीसदी आबादी वाले लोग सनातनी सवर्णों के द्वारा लगातार शोषण किया गया है
आजादी के 75 वर्ष बाद भी इस समाज को देश के सत्ताधारी दलों कांग्रेस भाजपा सहित सभी ने संविधान की धारा 340.341 में दर्शाए गए प्रावधानों के विपरित आज तक ओबीसी की जातिगत जनगणना नहीं कराकर उपेक्षित और शोषित किया है, लेकिन अब ओबीसी समाज जाग्रत हो गया है आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में जिन पार्टियों के घोषणापत्र मे ओबीसी की जनगणना कराने और जनगणना के अनुपात में आरक्षण अधिकार प्रदान करने वाले पार्टियों को ही ओबीसी समाज के लोग मतदान और प्रचार प्रसार करेंगे
भाजपा जब तक सत्ता मे नहीं थी तब ओबीसी जनगणना की वादे करती थी ओबीसी समाज ने ही भाजपा को सत्ता में बिठाया तभी नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, इसके बाद भी भाजपा जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहती. जिसके लिए उसे परिणाम भुगतने पड़ेंगे, कांग्रेस भी सत्ता पाने ओबीसी जनगणना की बातें कर रही है, विपक्ष के नए गठबंधन इंडिया द्वारा ओबीसी जनगणना को महत्व दिए जाने पर ओबीसी समाज इंडिया गठबंधन को सहयोग करेगी कांग्रेस और भाजपा के घोषणा पत्र पर अब विश्वास नही रहा

