गरियाबंद.. सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता 10 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया
गरियाबंद/ नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में आज हुई मुठभेड़ में केंद्रीय कमेटी सदस्य और 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित कुल 10 कुख्यात नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। यह सफलता नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चल रही लंबी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि नक्सलवाद का अंत अब निश्चित है। उन्होंने कहा कि CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG ने संयुक्त अभियान चलाकर इन नक्सलियों को ढेर किया। साथ ही उन्होंने समय रहते आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी 31 मार्च 2026 से पहले लाल आतंक का समूल नाश सुनिश्चित है।
मुठभेड़ की शुरुआत सुबह उस समय हुई जब सुरक्षा बलों को मैनपुर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद गरियाबंद E-30, STF और कोबरा कमांडो की टीम घटनास्थल पर रवाना हुई। मौके पर पहुंचते ही दोनों पक्षों में रुक-रुक कर कई घंटों तक मुठभेड़ चलती रही। सुरक्षाबलों ने मोडेम बालकृष्णा सहित 10 नक्सलियों को मार गिराकर बड़ी सफलता हासिल की। मोडेम बालकृष्णा नक्सल संगठन में केंद्रीय कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय था और उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उसकी मौत से नक्सल नेतृत्व को बड़ा झटका लगा है। इसके अलावा मुठभेड़ में मारे गए अन्य नक्सली भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलियों की झूठी विचारधारा अब कमजोर पड़ रही है। उन्होंने सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। साथ ही उन्होंने शेष नक्सलियों से समय रहते आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जंगल में ऑपरेशन बेहद कठिन था, लेकिन जवानों ने सतर्कता और साहस से इसे अंजाम दिया। अभियान में शामिल बलों को विशेष पुरस्कार और सम्मान देने की तैयारी भी की जा रही है। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई को राहत और सुरक्षा का संकेत बताया है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने कहा है कि नक्सल उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। विकास योजनाओं, सुरक्षा कवच और पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने का संकल्प दोहराया गया है। यह अभियान नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई साबित हो रहा है।

