15 साल बाद लौट आया ‘मुर्दा’ पति — पत्नी की हत्या कर बना भूत, आखिरकार कानून के शिकंजे में फंसा!
नई दिल्ली। यह कहानी किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि हकीकत है — एक ऐसा रहस्य जिसने 15 साल बाद पुलिस को भी हैरान कर दिया। साल 2010, जगह जहांगीरपुर (दिल्ली) — एक मध्यमवर्गीय घर में दर्दनाक चीखों के साथ एक युवती की जिंदगी खत्म हो गई थी। उसका नाम था रीता — और उसके पास मिला था एक सुसाइड नोट, जिस पर लिखा था:
“मैं नरोत्तम प्रसाद... अपनी पत्नी की मौत से दुखी हूं, अब नदी में कूदकर जान दे रहा हूं।” लेकिन जब पुलिस ने रीता की लाश देखी, तो सच कुछ और था शरीर पर चोटों के निशान, पीट-पीटकर हत्या के सबूत, और नदी किनारे कोई शव नहीं। फिर केस फाइलों में दफन हो गया... और पति “मर चुका” घोषित हुआ।
‘भूत’ बनकर 15 साल तक जिंदा रहा हत्यारा समय बीतता गया। लेकिन अपराध का साया तो आखिर पीछा नहीं छोड़ता।
नरोत्तम प्रसाद, जो सबकी नजर में “मर चुका” था, दरअसल जिंदा था और गुजरात के छोटा उदयपुर में फैक्ट्री मैनेजर बनकर नई पहचान में जिंदगी काट रहा था।
15 साल तक उसने शहर बदले, नाम बदले, और चेहरा छिपाया। लेकिन दिल्ली क्राइम ब्रांच की पैनी नजरों से आखिर बच नहीं सका। एक खुफिया इनपुट ने राज खोला — और टीम ने गुजरात में रेड मारकर “भूत” बने इस हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद नरोत्तम का नकाब उतर गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया “घरेलू झगड़ों के चलते गुस्से में मैंने पत्नी को मार दिया... फिर खुदकुशी का नाटक रचा।”
पुलिस ने बताया कि नरोत्तम राजस्थान का रहने वाला, MBA डिग्री धारक है। लेकिन उसकी बुद्धिमानी ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। अब उस पर IPC की धारा 302 (हत्या) और सबूत मिटाने के आरोप तय किए गए हैं।
⚖️ “देर से ही सही, न्याय मिला” — रीता का परिवार
रीता के भाई ने कहा,“हमने सोचा था वह मर गया... लेकिन आज सच्चाई सामने है। देर से ही सही, मेरी बहन को न्याय मिला।”
15 साल तक जो शख्स “भूत” बनकर कानून से भागता रहा, आखिर वही आज कानून के पिंजरे में है।
🩸 यह केस फिर साबित करता है — अपराध चाहे जितना पुराना क्यों न हो, एक दिन सच सामने आ ही जाता है।

