ग्रामीण किसान परेशान: ग्रेविटी आयरन एंड पावर प्रा. लि. पर प्रदूषण और श्रमिक शोषण के गंभीर आरोप
एन.टी.यू.सी. ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
तिल्दा-नेवरा (रायपुर)। ग्रेविटी आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड, चांपा विकासखंड तिल्दा में संचालित औद्योगिक इकाई पर ग्रामीण किसानों और राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) ने गंभीर पर्यावरणीय और श्रम शोषण से संबंधित आरोप लगाए हैं। संगठन ने जिला प्रशासन को भेजे ज्ञापन में कहा है कि कंपनी की गतिविधियों से पिछले दो वर्षों में करीब 25 गाँव गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
INTUC के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर से ग्रामीणों का स्वास्थ्य, कृषि उत्पादन और स्वच्छ जल स्रोत सब कुछ संकट में है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रदूषण से ग्रामीण जीवन अस्त-व्यस्त 25 गाँव प्रभावित, तालाब भी अनुपयोगी
ग्रामीणों के अनुसार
- कंपनी के अपशिष्ट पदार्थ खुले वातावरण में फैल रहे हैं, जिससे चर्मरोग, आँखों में जलन, खाज, दमा और अन्य श्वासरोग बढ़ गए हैं।
- आसपास की उपजाऊ कृषि भूमि तेजी से बंजर हो रही है।
- नहाने-धोने के लिए उपयोग होने वाला निस्तारी तालाब पूरी तरह प्रदूषित होकर बेकार पड़ा है।
- कंपनी द्वारा कोटा–जमनैय्या नाला का पानी औद्योगिक उपयोग में लेने से 25 गाँवों का पारंपरिक जलस्रोत दूषित हो रहा है। INTUC ने नाला जल उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क पर कंपनी के 50 टन से अधिक भार वाले ट्रकों की आवाजाही से मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।
श्रमिकों ने लगाया शोषण का आरोप
INTUC ने कंपनी पर कई श्रम कानूनों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। आरोपों में शामिल हैं
- न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाना
- ओवरटाइम के नियमानुसार दुगुना भुगतान न करना
- सुरक्षा उपकरण, वार्षिक अवकाश, ईएसआई और पेंशन सुविधाओं की कमी
- मजदूरों के साथ अनियमित व्यवहार एवं संविदा व्यवस्था का दुरुपयोग
संगठन ने कहा कि श्रमिकों की दशा अत्यंत दयनीय है और तत्काल निरीक्षण की आवश्यकता है।
INTUC ने दी चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेगा संगठन
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि
“यदि प्रशासन ने निर्धारित नियमों के अनुसार तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।”
ग्रामीणों का दर्द: “फसल गिर रही है, बच्चों की सेहत बिगड़ रही”
ग्रामवासियों ने बताया कि
- फसल उत्पादन में गिरावट आई है
- बच्चों और बुजुर्गों में सांस व त्वचा रोग तेजी से फैल रहे हैं
- कंपनी अपशिष्ट प्रबंधन व पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही
किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो कृषि और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
कंपनी का पक्ष उपलब्ध नहीं
समाचार लिखे जाने तक ग्रेविटी आयरन एंड पावर प्रा. लि. से फोन और ईमेल के माध्यम से संपर्क करने पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।
तिल्दा-नेवरा के संबंधित एसडीएम और जिला प्रशासन से टिप्पणी का अनुरोध भेजा गया है। उत्तर प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।
आगे क्या?
INTUC ने प्रशासनिक उपेक्षा की स्थिति में—
- बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
- कानूनी कार्रवाई
- श्रमिक संगठनों का संयुक्त आंदोलन
चलाने की चेतावनी दी है।
उधर ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और कृषि हितों को देखते हुए प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

