बड़े धूमधाम से मनाया गया बाबा काल भैरव जी का जन्मोत्सव
अज्ञान और भय को दूर करने वाले हैं काल भैरव
उत्तम साहू
धमतरी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धमतरी के कोतवाल बाबा काल भैरव का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। श्रीराम मंदिर न्यास और भक्तों द्वारा आयोजित इस पर्व में सुबह बाबा का अभिषेक, पूजन और श्रृंगार आरती संपन्न हुई। आरती के पश्चात दर्शन हेतु भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
दोपहर में महाभंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। सायंकालीन बेला में भक्तों ने भव्य महाआरती कर बाबा से समृद्धि और कल्याण की कामना की।
काल भैरव का महत्व:
शिव पुराण के अनुसार, भैरव जी शिव के क्रोध से उत्पन्न हुए थे। जब अंधकासुर नामक दैत्य ने भगवान शिव पर आक्रमण किया, तब उनके रक्त से भैरव का जन्म हुआ। एक अन्य कथा में कहा गया है कि जब ब्रह्मा ने शिव का अपमान किया, तब शिव के क्रोध से उत्पन्न महाभैरव ने ब्रह्मा के अहंकार का नाश किया।
“काल” और “भैरव” शब्दों का अर्थ क्रमशः समय के स्वामी और भय को दूर करने वाले से है। भगवान काल भैरव को रक्षक, संरक्षक और नकारात्मक ऊर्जा व बुरी शक्तियों के नाशक के रूप में पूजा जाता है।
धमतरी स्थित बाबा काल भैरव मंदिर लगभग हजार वर्ष प्राचीन माना जाता है। यहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु दर्शन-पूजन करने आते हैं। विशेष रूप से शनिवार और रविवार को मंदिर में भक्तों की बड़ी संख्या उमड़ती है।
आयोजन में दिग्विजय सिंह क्रिदत्त, सूरज तिवारी, अशोक पावर, अभिमन्यु सिन्हा, विक्रांत शर्मा, सुदर्शन गुप्ता, भूरा ग्वाल, आशीष शर्मा, आशुतोष खरे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

