नगरी सेवाकेंद्र में राजयोगिनी माधुरी दीदी की तृतीय पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित
माधूरी बहन की स्मृतियां आज भी समाज में सेवा, शांति और संस्कारों का प्रकाश फैला रही हैं.. भावना बहन
उत्तम साहू
नगरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नगरी सेवाकेंद्र की पूर्व संचालिका आदरणीय राजयोगिनी माधुरी दीदी जी की तृतीय पुण्यतिथि श्रद्धा, भावनाओं और आध्यात्मिक स्मृतियों के बीच मनाई गई। इस अवसर पर भाई–बहनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि व्यक्त की।
माधुरी दीदी ने अपने संपूर्ण जीवन को ईश्वरीय सेवाओं, मानवता और आध्यात्मिक upliftment के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने नगरी अंचल के गांव–गांव जाकर ज्ञान-योग की ज्योति प्रज्वलित की, जिससे सैकड़ों लोग आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित हुए। उनके मार्गदर्शन से अनेक परिवारों में शांति, सकारात्मकता और संस्कारों की स्थापना हुई।
उनके व्यक्तित्व में माधुर्यता, सरलता, सौम्यता और वात्सल्य जैसे गुण सहज ही झलकते थे। दीदी जी न केवल एक अध्यात्मदीप थीं, बल्कि प्रेम और प्रेरणा का ऐसा स्रोत थीं, जिनकी स्मृतियाँ आज भी सभी के हृदयों में जीवित हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सेवाधारी भाई–बहनों ने कहा कि माधुरी दीदी का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उनकी शिक्षाएँ और आध्यात्मिक धरोहर सदैव प्रेरणा देती रहेंगी।
अंत में सभी ने मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनकी स्मृतियों को नमन किया।


