धमतरी में नवीन वनमंडल कार्यालय का लोकार्पण, वन प्रबंधन समितियों का सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न

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धमतरी में नवीन वनमंडल कार्यालय का लोकार्पण, वन प्रबंधन समितियों का सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न

वन हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की अमूल्य विरासत : वन मंत्री केदार कश्यप



                       ‌‌उत्तम साहू 

धमतरी, 03 दिसंबर 2025। धमतरी जिले में आज नवीन वनमण्डल कार्यालय भवन का लोकार्पण और संयुक्त वन प्रबंधन समितियों का विशाल सम्मेलन उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप थे। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सिहावा विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम, धमतरी विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री जगदीश रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वन समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 


  ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत पौधारोपण से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण से की गई। इसके पश्चात पूजन-अर्चना कर धमतरी में नव निर्मित वनमण्डल कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। लगभग 1.14 करोड़ रुपए की लागत से बने इस आधुनिक भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुव्यवस्थित कक्ष, बैठक हॉल और उन्नत प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।



32 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को 3 करोड़ से अधिक की राशि का वितरण

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिले की 32 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को 3 करोड़ से अधिक राशि के विभिन्न कार्यों हेतु स्वीकृति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि धमतरी प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहां की जनभागीदारी वन संरक्षण की आधारशिला रही है।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा “वन केवल संसाधन नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार वनों के संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वन आश्रित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने बताया कि नया वनमण्डल कार्यालय प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के साथ स्थानीय समितियों के साथ समन्वय को भी मजबूत करेगा।

वन संरक्षण और जनभागीदारी पर जोर

वन मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा “वन विभाग अपना कार्य ईमानदारी से कर रहा है, लेकिन वनों को सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने यह भी बताया कि शासन द्वारा स्थानीय वन समितियों को मजबूत करने, रोको-टोको चौकियों के उन्नयन, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित संरक्षण और औषधीय पौधों के संवर्धन के लिए लगातार ठोस कदम लिए जा रहे हैं।



सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने वन विभाग के कार्यों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि वन मंत्री श्री कश्यप के नेतृत्व में प्रदेश में वनों के संरक्षण और वन आश्रित समुदायों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा “संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से स्थानीय लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन और जैव विविधता संरक्षण ने छत्तीसगढ़ को मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है।”

          


                   विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव और वन मंडलाधिकारी श्री श्रीकृष्ण जाधव ने वन विभाग की कार्य योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।


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