छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्र की गहमागहमी शुरू..शनिवार-रविवार की छुट्टियाँ भी रद्द, विभागों में बढ़ी हलचल
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होने वाला है, और इसके पहले ही सरकारी दफ्तरों में गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने एक अहम आदेश जारी करते हुए शनिवार और रविवार की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश है कि विधानसभा में आने वाले सवालों के जवाब तय समय पर तैयार किए जाएँ—चाहे वीकेंड ही क्यों न हो।
वीकेंड भी दफ्तर खुलेंगे
जारी पत्र के मुताबिक संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि कार्यालय शनिवार-रविवार को भी खुले रहें। वजह—विधायकों द्वारा भेजे गए सवालों का समय पर और सटीक जवाब तैयार करना। अधिकारियों को साफ निर्देश हैं कि जवाबी कार्यों में विलंब बिल्कुल न हो।
नए भवन में पहला शीतकालीन सत्र
इस बार का सत्र कई मायनों में खास है। 14 से 17 दिसंबर तक चलने वाला यह सत्र नए विधानसभा भवन में आयोजित होगा। विधायकों की ओर से कुल 628 सवाल भेजे गए हैं—जिनमें 604 ऑनलाइन और 24 ऑफलाइन सबमिट हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सत्र कितना व्यस्त और चर्चाओं से भरा रहने वाला है।
पहले दिन होगा ‘विजन 2047’ पर मंथन
सत्र का पहला दिन प्रश्नकाल से मुक्त रहेगा। इसकी जगह सरकार के दीर्घकालिक विकास एजेंडे ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ पर विशेष चर्चा होगी। सोमवार से सामान्य प्रश्नकाल और विधायी कार्यवाही प्रारंभ होगी।
धर्मांतरण संशोधन विधेयक पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, इस संक्षिप्त लेकिन महत्त्वपूर्ण सत्र में सरकार धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी पेश कर सकती है। इस पर विपक्ष-सत्ता पक्ष के बीच बहस होने की पूरी संभावना है।
कुल मिलाकर, नया भवन, नए एजेंडे और अधिकारियों की व्यस्तता के साथ यह शीतकालीन सत्र छत्तीसगढ़ की राजनीति में कई अहम मुद्दों पर मुहर लगाने वाला साबित हो सकता है।

