धमतरी में एसपी की अनोखी पहल — आरक्षक चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित

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धमतरी में एसपी की अनोखी पहल — आरक्षक चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित



उत्तम साहू 

धमतरी, 12 दिसंबर 2025। आरक्षक संवर्ग चयन प्रक्रिया 2023-24 में पारदर्शिता, सुविधा और समयबद्ध कार्य के लिए धमतरी पुलिस अधीक्षक द्वारा उठाए गए कदमों की जिलेभर में सराहना हो रही है। एसपी कार्यालय ने अभ्यर्थियों की प्रत्येक क्वेरी का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के लिए स्थापना शाखा में विशेष हेल्प डेस्क की व्यवस्था की है, जो अगले तीन दिनों तक लगातार सक्रिय रहेगी।

🔹 चयन सूची को लेकर असमंजस ? समाधान अब एक ही छत्त के नीचे

रायपुर रेंज के परीक्षा केन्द्र क्रमांक–02, धमतरी से संबंधित विभिन्न ज़िलों—बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना, रेल–रायपुर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस पुलिस अकादमी चंदखुरी एवं एमटी पूल पुलिस मुख्यालय रायपुर—की चयन एवं प्रतीक्षा सूची 09 दिसंबर को जारी हुई थी।

सूची जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों को देखते हुए एसपी धमतरी ने “त्वरित निवारण मॉडल” लागू करते हुए यह हेल्प डेस्क शुरू कराया है।

🔹 12 से 14 दिसंबर तक तीन दिवसीय सुविधा

अभ्यर्थी 12, 13 और 14 दिसंबर को
प्रथम पहर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, स्थापना शाखा (कक्ष क्रमांक 09) में उपस्थित होकर अपनी क्वेरी या आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर द्वितीय पहर में ही आवेदकों को जानकारी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है—यानी “एक ही दिन में समाधान” की पहल।

🔹 जिम्मेदार अधिकारी तैनात: मदद अब और आसान

एसपी कार्यालय ने हेल्प डेस्क के लिए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की है—

  • श्रीमती लक्ष्मी ध्रुव, निरीक्षक (स्थापना शाखा प्रभारी)मो.: 7000509196
  • आरक्षक क्रमांक 531 रूपेन्द्र कुमार साहूमो.: 9479235636

दोनों अधिकारी लगातार अभ्यर्थियों के प्रश्नों का निदान करने के लिए उपस्थित रहेंगे।

🔹 एसपी की पहल का असर: व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा

एसपी धमतरी की इस सक्रिय पहल ने अभ्यर्थियों के बीच भरोसा बढ़ाया है। युवाओं ने इस तेज़ और पारदर्शी व्यवस्था को "सकारात्मक पुलिसिंग का आदर्श उदाहरण" बताया।
वहीं कार्यालय सूत्रों का कहना है कि यह मॉडल आगे भी महत्वपूर्ण चयन प्रक्रियाओं में लागू किया जा सकता है, ताकि अभ्यर्थियों को अनावश्यक दौड़-भाग या भ्रम की स्थिति से बचाया जा सके।


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