धमतरी जिले को राष्ट्रीय सम्मान..औषधीय एवं सुगंधीय पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट उपलब्धि

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धमतरी जिले को राष्ट्रीय सम्मान..औषधीय एवं सुगंधीय पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट उपलब्धि

यह सम्मान..किसानों, महिला स्व–सहायता समूहों और मैदानी अमले की साझी मेहनत का गौरवपूर्ण परिणाम है: कलेक्टर मिश्रा


उत्तम साहू 

धमतरी, 10 दिसंबर 2025।  नई दिल्ली के कृषि मेला ग्राउंड में आयोजित महाकुंभ 2025 में ICAR एवं कृषि जागरण के संयुक्त मंच पर धमतरी जिले को औषधीय एवं सुगंधीय पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। यह मान्यता जिले में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।


इस सम्मान को जिला कार्यक्रम प्रबंधक (अजीविका) श्री अनुराग मिश्रा ने पूर्व राज्य गृह मंत्री श्री अजय मिश्रा ‘टैनी’ के कर-कमलों से सम्मानपूर्वक ग्रहण किया। यह उपलब्धि जिले में तेजी से बढ़ रहे अभिनव आजीविका प्रयासों और औषधीय खेती को प्रोत्साहित करने की नीति का परिणाम मानी जा रही है।


जिले के विविध क्षेत्रों जैसे कुरूद, कुहकुहा, कन्हारपुरी, गुदगुदा और मगरलोड में बच, खस, पचौली, सिंदूर, ब्राह्मी और लेमन ग्रास जैसी औषधीय व सुगंधीय पौधों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया जा रहा है। नगरी क्षेत्र में महानदी के किनारे लगभग 4,000 औषधीय पौधों का रोपण भी किया गया है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।


कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने मखाना की खेती के क्षेत्र का विस्तार करने और जिले को मखाना बोर्ड में शामिल करने की भी घोषणा की। उनका कहना है कि इससे मखाना का उत्पादन और विकास तेज होगा तथा किसानों को इससे आर्थिक लाभ होगा।


जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इस वर्ष कुल 130 एकड़ क्षेत्र में औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। 100 प्रतिशत मार्केट लिंकज सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसानों को उत्पाद की बिक्री की गारंटी मिलती है। मनरेगा अभिसरण योजना के तहत मल्टी-क्रॉपिंग मॉडल की सफलता से हुनरमंद महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका संवर्धन एवं आय वृद्धि का महत्वपूर्ण अवसर भी प्राप्त हो रहा है।


धमतरी जिले के धमतरी, कुरूद और मगरलोड विकासखण्डों में औषधीय खेती में तेजी आई है। धमतरी विकासखण्ड में 23 एकड़ में ब्राह्मी और 7.5 एकड़ में पचौली की खेती की गई। कुरूद विकासखण्ड में 38.5 एकड़ में लेमन ग्रास की फसलों का उत्पादन हो रहा है, जबकि मगरलोड क्षेत्र में खस की खेती 28 एकड़ में की गई है। कुल मिलाकर जिले में औषधीय पौधों की खेती का क्षेत्र 130 एकड़ से अधिक हो चुका है।


कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान जिले के किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और मैदानी अमले की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। औषधीय पौधों की खेती से जिले के किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं और उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने टीम धमतरी, बिहान एवं कृषि विभाग के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सभी को बधाई दी।


धमतरी जिले में औषधीय खेती को बढ़ावा देने, मखाना उत्पादन के विस्तार, क्लस्टर मॉडल की स्थापना, वैल्यू एडिशन इकाइयों के निर्माण तथा महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। इस उपलब्धि के साथ धमतरी औषधि-आधारित आजीविका मॉडल के अग्रणी जिलों में स्थापित हो चुका है और यह प्रदेश की समृद्धि में एक महत्वपूर्ण योगदान देने वाला जिला साबित हो रहा है।


इस राष्ट्रीय सम्मान के साथ धमतरी औषधीय और सुगंधीय पौधों की खेती के लिए एक प्रेरणास्पद केंद्र बन गया है, जो न केवल किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का स्रोत है, बल्कि प्रदेश के व्यापक विकास में भी योगदान देगा। 




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