सोंदूर जलाशय में नौका विहार ठप, पर्यटक मायूस
दो वर्षों से बंद सुविधा पर प्रशासनिक उदासीनता, स्थानीय युवाओं का रोजगार प्रभावित
उत्तम साहू
नगरी (धमतरी)। जिले के अंतिम छोर पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोंदूर जलाशय में संचालित नौका विहार (पैडल बोट) सुविधा बीते करीब दो वर्षों से बंद पड़ी हुई है। इससे जहां स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी है, वहीं दूर-दराज़ से आने वाले पर्यटक भी निराश होकर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सोंदूर जलाशय में नौका विहार का शुभारंभ तत्कालीन विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, कलेक्टर पी.एस. एल्मा एवं उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के तत्कालीन निदेशक वरुण जैन द्वारा किया गया था। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देना और टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े गांवों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना था।
नौका विहार के संचालन से ग्राम मेचका, बरपदर, बेलरबाहरा सहित आसपास के गांवों के युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला था। पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के बीच नौकायन का आनंद लेते थे, जिससे सोंदूर जलाशय की पहचान एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में बनने लगी थी।
लेकिन पिछले दो वर्षों से यह सुविधा पूरी तरह बंद है। नववर्ष, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने के बावजूद नौका विहार बंद रहने से वे मायूस होकर लौट रहे हैं। इससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर भी समाप्त हो गए हैं।
तीन माह पूर्व ग्राम पंचायत मेचका के सरपंच जीवन लाल नाग, उपसरपंच परमात्मा कुंजाम, ग्रामीण गया मांझी सहित अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नौका विहार पुनः प्रारंभ करने की मांग की थी। साथ ही वन विभाग से भी आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नौका विहार पुनः शुरू किया जाए तो इससे न केवल पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को स्थायी रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा। प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
बताया गया कि पर्यटन संचालन हेतु गठित समिति में पर्यटन समिति अध्यक्ष गया सिंह मांझी, उपाध्यक्ष घनश्याम नेताम, सचिव कैलाश कुमार साहू, सरपंच जीवन लाल नाग सहित सदस्य संतोष ठाकुर, कपिल दास वैष्णव, हरी राम साहू, शिवरात्रि बाई जालेश, माहेश्वरी मरकाम, बिशरी देवी मरकाम, मानो भाई नागेश, खोगेश्वर धुर्वा, नरेंद्र कुमार नेताम, जोहान सिंह नेताम, वोशीत कुमार कौशल, राजेश कुमार कपिल, इंद्र कुमार नेताम एवं प्रताप यादव शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि सोंदूर जलाशय को पुनः पर्यटन मानचित्र पर सक्रिय करने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि क्षेत्र की उम्मीदों को नया संबल मिल सके।

