पब्लिक बुरी तरह से परेशान, प्रशासन गहरी नींद में
सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क.? नगरी नगर में हालात बद से बदतर
उत्तम साहू
नगरी। नगरी नगर में प्रवेश करते ही आम नागरिकों को बदहाल सड़क का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह इतने बड़े और गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि यह समझ पाना मुश्किल हो गया है कि यह सड़क है या गड्ढों का मैदान। हालात इतने भयावह हैं कि वाहन चालकों और राहगीरों की जान हर पल जोखिम में बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और प्रशासन पूरी तरह कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। नगर में प्रवेश मार्ग जैसी महत्वपूर्ण सड़क की यह स्थिति प्रशासन की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता को उजागर करती है।
हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब जनता खुद सड़क पर मिट्टी डालकर गड्ढों को भरने को मजबूर है। यह दृश्य प्रशासन के लिए शर्मनाक होना चाहिए, क्योंकि जिन विभागों की जिम्मेदारी सड़क निर्माण और मरम्मत की है, वे केवल कागजों में ही सक्रिय नजर आ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ गई है। रात के समय तो स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि के बाद ही प्रशासन जागेगा? क्या पीडब्ल्यूडी विभाग किसी गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा है? नगरवासियों में भारी आक्रोश है और यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक आंखें मूंदे रहते हैं या फिर जनता की पीड़ा को समझते हुए तत्काल सड़क मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।

