कुपोषण मुक्त नगरी अभियान के तहत स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम सम्पन्न
2200 बच्चों को कराया गया स्वर्ण प्राशन, सामुदायिक सहभागिता से बना सफल मॉडल
नगरी/धमतरी, 8 दिसंबर 2025। कुपोषण मुक्त नगरी अभियान के तहत आज नगरी विकासखंड के ग्राम सांकरा स्थित मानस भवन में भव्य स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देशन में आयोजित इस मेगा कार्यक्रम में लगभग 2200 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग, आयुष विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त समन्वय से आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, पोषण परिणामों में सुधार तथा सामुदायिक जागरूकता को मजबूत करना था।
मेगा कार्यक्रम में उमड़ी भीड़, 2000 से अधिक बच्चों की सहभागिता
नगरी परियोजना क्षेत्र में वर्तमान में 200 गंभीर कुपोषित एवं 1200 मध्यम कुपोषित बच्चे चिन्हांकित हैं। स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम में इनमें से 100 गंभीर कुपोषित और 600 मध्यम कुपोषित बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कार्यक्रम स्थल पर बाल संदर्भ शिविर भी लगाया गया, जहां बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक परामर्श दिया गया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम रहा विशेष
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों में
- सिहावा विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम
- जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सारवा
- जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री महेश गोटा
- सभापति सुश्री प्रेमलता नागवंशी
- श्री प्रमोद कुंजाम
- श्री राजेश नाथ गोसाई
- सांकरा सरपंच श्री नागेंद्र बोर्झा
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी श्री रोहित बोर्झा
- परियोजना अधिकारी श्री सोमेंद्र कुमार साहू
- विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कली राम साहू
इसके अतिरिक्त आयुष विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और अभिभावक उपस्थित रहे।
कुपोषण मुक्त नगरी: समन्वित प्रयासों की मिसाल
कलेक्टर मिश्रा के निर्देश पर चल रहा कुपोषण मुक्त नगरी अभियान तेजी से प्रभाव दिखा रहा है। स्वर्ण प्राशन जैसे आयोजनों के माध्यम से न केवल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि समुदाय में पोषण के प्रति व्यापक जागरूकता भी बढ़ रही है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि स्वर्ण प्राशन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में प्रभावी है और नियमित देखभाल से कुपोषण के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
जनसहभागिता से मिला कार्यक्रम को नया विस्तार
अभिभावकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि लोग अब पोषण संबंधी पहलों को गंभीरता से अपनाने लगे हैं। कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य जांच, परामर्श और पोषण संबंधी जानकारी भी दी गई, जिससे बच्चों एवं माताओं को सीधा लाभ मिला।
कुपोषण मुक्त नगरी अभियान के इस सफल आयोजन ने नगरी क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। विभागीय समन्वय, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और समुदाय की सहभागिता इस अभियान को गति प्रदान कर रही है

