छेरछेरा की गलियों में दिखी लोकसंस्कृति की झलक, उपाध्यक्ष ने खुद मांगा अन्नदान

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छेरछेरा की गलियों में दिखी लोकसंस्कृति की झलक, उपाध्यक्ष ने खुद मांगा अन्नदान



उत्तम साहू 

नगरी। पूस पुन्नी के पावन दिन छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति एक बार फिर जीवंत नजर आई, जब ग्राम पंचायत छिपली के पंचशील टिकरा पारा में छेरछेरा पर्व पूरे उल्लास और परंपरा के साथ मनाया गया। इस मौके पर जनपद पंचायत नगरी के उपाध्यक्ष हृदय साहू आम जन की तरह गांव की गलियों में निकले और घर-घर जाकर अन्नदान मांगा।

नेतृत्व की औपचारिकता छोड़कर जब उपाध्यक्ष स्वयं ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अन्न संग्रह करते दिखे, तो माहौल में अपनापन और श्रद्धा दोनों झलकने लगे। उन्होंने छेरछेरा पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व केवल दान का नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, सहयोग और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रतीक है।

गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने पूरे उत्साह के साथ इस परंपरा में भाग लिया। अन्नदान के दौरान गलियों में लोकसंस्कृति की खुशबू फैलती रही और बचपन की यादें ताजा होती नजर आईं।

इस अवसर पर तोमल साहू, नेपाल साहू, मानसिंग साहू, मोनू पोटाई, खिलावन निर्मलकर, तिलकराम देव, अंकालु निषाद, जीवन देव, पप्पू नाग, सुनील साहू, कान्हा बोरघरिया, चिंता नेताम, तोषण बोरघरिया, तरुण साहू, खिलेश साहू, कुलदीप कश्यप, परमेश्वर साहू, मुकेश बोरघरिया, कीर्तन साहू, रामेश्वर ब्रह्म, कुलेश्वर कश्यप, इंद्रजीत कश्यप, यतींद्र ध्रुव, राहुल साहू सहित बड़ी संख्या में मोहल्लेवासियों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष एवं ग्रामीणों ने छेरछेरा पर्व को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प भी लिया।


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