धमतरी में शासकीय कोटवारी भूमि का बड़ा घोटाला
पटवारी–कोटवार–दलाल गठजोड़ से फर्जी बिक्री, करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप
तत्काल निलंबन और FIR की मांग से प्रशासन में हड़कंप
उत्तम साहू
धमतरी (छत्तीसगढ़), 16 जनवरी 2026। धमतरी जिले के भखारा तहसील अंतर्गत ग्राम कोसमर्रा में शासकीय कोटवारी सेवा भूमि की फर्जी बिक्री का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि तत्कालीन हल्का पटवारी अमित ठाकुर ने नियम-कानून को ताक पर रखकर कोटवार से सांठगांठ करते हुए शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर बेच डाला। यह मामला न केवल राजस्व तंत्र की गंभीर लापरवाही उजागर करता है, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।
मामला खसरा नंबर 900/3, रकबा 0.56 हेक्टेयर से जुड़ा है, जो कोटवार सेवा के बदले आवंटित शासकीय भूमि थी। आरोप है कि पटवारी अमित ठाकुर ने ग्राम कोटवार मानसिंह (पिता आनंदराम, जाति महार) के साथ मिलकर इस सेवा भूमि को फर्जी तरीके से भूमिस्वामी दर्शाया और फिर इसे धमतरी निवासी इरफान (पिता इकबाल) के नाम बेच दिया। यहीं नहीं रुके—बिक्री के बाद ऋणपुस्तिका और अन्य राजस्व अभिलेखों में भी हेराफेरी कर दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, इसी कड़ी में खसरा नंबर 900/1 (1.48 हे.) और 900/2 (1.24 हे.) को भी मानसिंह के नाम ग्राम नौकर दर्शाते हुए दर्ज कराने की कार्रवाई की गई, जिससे पूरे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ जाती है।
कीमती लोकेशन, करोड़ों का खेल
यह भूमि ग्राम सिहाद–देवरी मुख्य मार्ग पर, शासकीय कॉलेज भखारा के ठीक सामने, मुख्य सड़क से महज 500 फीट भीतर स्थित है। वर्तमान में आरोपी खरीदार इरफान द्वारा इस जमीन को रायपुर, धमतरी, कुरूद और भखारा के बड़े जमीन कारोबारियों को दिखाया जा रहा है। बाजार में इसकी कीमत प्रति डिसमिल करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है, जिससे करोड़ों के खेल की आशंका गहराती जा रही है।
कानून साफ, फिर भी खुला खेल
शिकायतकर्ता हरिशंकर मरकाम ने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के तहत कोटवारी सेवा भूमि शासकीय सेवा भूमि होती है। इस पर न तो भूमिस्वामी हक दिया जा सकता है और न ही इसकी निजी बिक्री संभव है। ऐसे मामलों में फर्जी रजिस्ट्री, दस्तावेजों में हेराफेरी और पद का दुरुपयोग गंभीर आपराधिक कृत्य है। मरकाम का आरोप है कि कुछ पटवारी मोटी रकम के लालच में शासन की जमीन को खुलेआम बेचने में लगे हैं।
विधानसभा तक गूंजा मामला
गौरतलब है कि धमतरी विधायक द्वारा कोटवारी भूमि की अवैध खरीद-बिक्री का मुद्दा विधानसभा में दस्तावेजों सहित उठाया जा चुका है। जिले की दो तहसीलों में इस संबंध में जांच भी चल रही है, बावजूद इसके जमीन माफिया बेखौफ नजर आ रहे हैं।
कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूर्व पटवारी अमित ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, थाना भखारा में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। साथ ही, शासकीय भूमि को अतिक्रमण और अवैध सौदेबाजी से मुक्त कर सुरक्षित किया जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में त्वरित और सख्त कदम उठाएगा, या फिर शासकीय जमीन यूं ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रहेगी?

