कांकेर.. दर्दनाक सड़क हादसा..नाले में गिरी टैक्सी और बुझ गईं दो जिंदगियां
सरोना से संवाददाता बलराम सिंह साहू
कांकेर। जिस वक्त जिले में सड़क सुरक्षा सप्ताह के बैनर टंगे थे, उसी वक्त कुलगांव के पास एक नाले में गिरी टैक्सी ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि 16 अन्य यात्री घायल हो गए। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर चूक का आईना है।
ओडिशा के नवरंगपुर जिले से पखांजूर मेला देखने निकली श्रद्धालुओं से भरी ओमनी टैक्सी (CG 17 KJ 8609) बुधवार को कुलगांव के पास अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और मोड़ पर संतुलन बिगड़ते ही टैक्सी नाले में समा गई। पल भर में खुशियों का सफर मातम में बदल गया।
हादसे में चालक व वाहन मालिक ओमप्रकाश कार्ला और महिला यात्री मिताली मजूमदार की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों की असमय मौत ने उनके परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। वाहन में सवार 18 यात्रियों में से 16 घायल हुए, जिनमें तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस, यातायात विभाग और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। समाजसेवी संस्थाओं ने भी आगे बढ़कर मदद की, लेकिन सवाल यह है कि हादसे के बाद की मदद से पहले हादसों को रोका क्यों नहीं जा सका?
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही और क्षमता से अधिक सवारी को हादसे की वजह माना जा रहा है। कुलगांव क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति और यातायात नियंत्रण की कमी पहले से ही चर्चा में रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में परिणाम एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के बीच हुआ यह हादसा चेतावनी है—कि नियम, जागरूकता अभियान और जांच अगर सिर्फ कागजों तक सीमित रहें, तो सड़कें यूं ही मौत का रास्ता बनती रहेंगी। सवाल अब भी वही है: क्या यह हादसा भी फाइलों में दफन हो जाएगा, या सिस्टम सच में कुछ सीखेगा?

