धमतरी में शासकीय कोटवारी भूमि की फर्जी बिक्री का आरोप
पूर्व पटवारी पर गंभीर आरोप, तत्काल निलंबन एवं FIR की मांग
उत्तम साहू,धमतरी (छत्तीसगढ़), 18 जनवरी 2026:
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भखारा तहसील अंतर्गत ग्राम कोसमर्रा में स्थित खसरा नंबर 900/3, रकबा 0.56 हेक्टेयर की शासकीय कोटवारी सेवा भूमि की अवैध एवं फर्जी बिक्री का गंभीर मामला सामने आया है। यह भूमि, जो कोटवार सेवा के बदले आवंटित की गई थी, को तत्कालीन हल्का पटवारी अमित ठाकुर द्वारा कथित सांठगांठ कर भूमिस्वामी बनाकर धमतरी निवासी इरफान (पिता इकबाल) को बेच दिया गया।
जानकारी के अनुसार, पटवारी अमित ठाकुर ने ग्राम कोटवार मानसिंह (पिता आनंदराम, जाति महार) के साथ मिलकर बन्दोबस्त पूर्व से चली आ रही सेवा भूमि के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा किया। बिक्री के बाद क्रेता इरफान के नाम पर ऋणपुस्तिका एवं अन्य अभिलेख दुरुस्त कर दिए गए। इसके अलावा, पटवारी द्वारा पुनः खसरा नंबर 900/1 (1.48 हे.) एवं 900/2 (1.24 हे.) को भी मानसिंह के नाम पर ग्राम नौकर के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की गई।
यह भूमि ग्राम सिहाद से देवरी मुख्य मार्ग पर स्थित है तथा शासकीय कॉलेज भखारा के ठीक सामने मुख्य सड़क से मात्र 500 फीट अंदर है। वर्तमान में इरफान द्वारा इस भूमि को रायपुर, धमतरी, कुरूद एवं भखारा के प्रमुख जमीन कारोबारियों को दिखाया जा रहा है। बाजार में इसकी कीमत प्रति डिसमिल 1 लाख रुपये करीब बताई जा रही है,।
शिकायतकर्ता हरिशंकर मरकाम ने बताया कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के नियमों के अनुसार, कोटवारी सेवा भूमि शासकीय सेवा भूमि की श्रेणी में आती है, जिस पर भूमिस्वामी का अधिकार नहीं दिया जा सकता और न ही इसे निजी रूप से बेचा जा सकता है। ऐसे मामलों में फर्जी रजिस्ट्री एवं दस्तावेजों में हेराफेरी गंभीर अपराध मानी जाती हैलेकिन कुछ पटवारी धनराशि की अधिक लालच में ऐसे कृत्यों को अंजाम देते है ।
माननीय धमतरी विधायक द्वारा विधानसभा में कोटवारी भूमि की अवैध खरीद-बिक्री का मामला दस्तावेजों सहित उठाया जा चुका है। जिले की दो तहसीलों में इस संबंध में जांच भी चल रही है।
शिकायतकर्ता मरकाम ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूर्व पटवारी अमित ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा थाना भखारा में FIR दर्ज कर जांच की जाए।दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर शासकीय भूमि को सुरक्षित किया जाए।

