ईंटों से भरा ट्रैक्टर पलटा, मजदूर की दर्दनाक मौत
पांडुका। ग्राम खट्टी मोड़ और इसके आसपास का इलाका अब राहगीरों के लिए किसी खतरे से कम नहीं रह गया है। यह मोड़ लगातार हादसों को दावत दे रहा है, जहां अब तक दो दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके, न तो प्रशासन जागा और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम उठाया।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे एक बार फिर यही मोड़ एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना। निर्माण कार्य के लिए पास के गांव की ओर जा रहा ईंटों से लदा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। ट्रैक्टर में सवार मजदूर हेमलाल राजेंद्र साहू (50 वर्ष) ईंटों के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। लोगों में आक्रोश साफ नजर आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खट्टी मोड़ का निर्माण गलत ढंग से किया गया है, जिससे यह इलाका एक डेंजर ज़ोन बन चुका है। यहां न केवल जानलेवा हादसे हो रहे हैं, बल्कि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर जीवनभर के लिए अपाहिज भी हो चुके हैं। कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं, फिर भी जिम्मेदार विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि इस मोड़ पर तत्काल सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएं—जैसे चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और सड़क सुधार कार्य—ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

