टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ा रहीं राइस मिलें, जांच हुई तो खुलेगी धांधली की पोल
बिना NOC के चल रहा है राइस मिल
उत्तम साहू
नगरी। धमतरी जिले के आदिवासी विकास खंड नगरी से एक बड़ा मामला सामने आ रहा है, जहां दर्जनों राइस मिलें बिना किसी वैध नियमों और पर्यावरण स्वीकृति के संचालित हो रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 'सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व' जैसे संवेदनशील क्षेत्र के करीब होने के बावजूद, इन राइस मिलों के पास न तो आवश्यक NOC है और न ही नियमानुसार पंजीकरण।
जांच से होगा बड़ा खुलासा
स्थानीय सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यदि प्रशासन इन राइस मिलों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करे, तो मिल संचालकों द्वारा की जा रही भारी अनियमितताएं और धांधली उजागर हो सकती हैं। बिना NOC के संचालन न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि यह पर्यावरण और क्षेत्र की पारिस्थितिकी के लिए भी बड़ा खतरा है।
अवैध भंडारण का गढ़ बना इलाका
पिछले कुछ महीनों में धमतरी प्रशासन और मंडी बोर्ड की संयुक्त टीमों ने जिले में कई जगह दबिश दी है, जिसमें लाखों रुपये का अवैध धान जब्त किया गया है। लेकिन नगरी जैसे आदिवासी क्षेत्रों में अभी भी सघन जांच की आवश्यकता है।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के किसानों और जागरूक नागरिकों ने अपील की है कि अवैध भंडारण और बिना अनुमति चल रही मिलों पर समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई की जाए। इससे न केवल मंडी व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहेगी, बल्कि शासन के राजस्व की चोरी भी रुकेगी।
"नियमों को ताक पर रखकर चल रहे इस कारोबार पर लगाम कसना जरूरी है, ताकि आदिवासियों के अधिकारों और पर्यावरण की रक्षा हो सके।"

