शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में नशा मुक्ति पर जागरूकता व्याख्यान
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने दिया नशा मुक्त भारत का संदेश
उत्तम साहू
नगरी/ डाइट नगरी में चल रहे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में भावना बहन ने कहा कि नशा अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है। यह व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर देता है। आज की युवा पीढ़ी तेजी से नशीले पदार्थों की गिरफ्त में फंसती जा रही है, जिससे वे अपने कर्तव्यों से विमुख होकर उद्देश्यहीन जीवन जीने लगते हैं। अपनी शक्तियों और क्षमताओं का दुरुपयोग करना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने विद्यालयों में बच्चों को नशे से होने वाली विभिन्न हानियों की जानकारी दें, ताकि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहकर एक सशक्त और श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण कर सकें। भावना बहन ने कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर पूरे परिवार, समाज और देश पर पड़ता है। नशा मानव जाति के लिए एक अभिशाप है, जो व्यक्ति को गंभीर और भयावह बीमारियों की ओर धकेल देता है तथा उसका जीवन अंधकारमय बना देता है।
उन्होंने आगे कहा कि शांतिमय और संतुलित जीवन के लिए व्यवहार में आध्यात्मिकता का समावेश आवश्यक है। स्वयं का ज्ञान और परमपिता परमात्मा की पहचान जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। राजयोग और आध्यात्मिक शक्ति के माध्यम से नशे से दूर रहकर जीवन में पवित्रता और दिव्यता लाई जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में भावना बहन ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें और नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें।


