बोर्ड परीक्षा सिर पर, फिर भी 70 शिक्षकों की ट्रेनिंग. छात्रों के भविष्य से खिलवाड़? शिक्षा विभाग पर उठे गंभीर सवाल
उत्तम साहू दिनांक 17.2.2026
धमतरी/ नगरी- एक ओर जहां बोर्ड परीक्षाएं बिल्कुल नजदीक हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग का फैसला खुद उसकी प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा कर रहा है। जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम 2026 के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित होनी हैं। परीक्षा शुरू होने में चंद दिन बाकी हैं, लेकिन इसी बीच नगरी विकास खंड में 70 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि परीक्षा से ठीक पहले इस तरह का प्रशिक्षण न केवल स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि छात्रों की अंतिम तैयारी पर भी सीधा असर डालेगा। बोर्ड परीक्षा के समय शिक्षक ही छात्रों के मार्गदर्शक और सहारा होते हैं, लेकिन जब वही शिक्षक ट्रेनिंग में व्यस्त रहेंगे तो छात्रों को पढ़ाई और मार्गदर्शन से वंचित होना पड़ेगा।
शिक्षा विभाग की इस कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर परीक्षा से ठीक पहले ऐसा कार्यक्रम क्यों रखा गया? क्या विभाग को छात्रों की तैयारी और परीक्षा प्रबंधन की चिंता नहीं है? जानकारों का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण है, जो छात्रों के भविष्य के साथ जोखिम भरा प्रयोग साबित हो सकता है।
अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, ऐसे समय में पढ़ाई का हर दिन कीमती होता है। यदि शिक्षक स्कूल से अनुपस्थित रहेंगे तो पढ़ाई का नुकसान छात्रों को भुगतना पड़ेगा। वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम परीक्षा के बाद भी कराए जा सकते थे, ताकि पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
अब सवाल यह उठता है कि क्या शिक्षा विभाग इस निर्णय पर पुनर्विचार करेगा या फिर छात्रों के हितों को नजरअंदाज कर औपचारिकताओं में ही उलझा रहेगा? यदि समय रहते इस पर फैसला नहीं लिया गया, तो इसका खामियाजा सीधे हजारों छात्रों को भुगतना पड़ सकता है।

