जंगल रास्ते से गोवंश तस्करी परिवहन करते पकड़ा गया

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जंगल रास्ते से गोवंश तस्करी परिवहन करते पकड़ा गया

पंडरीपानी गौशाला समिति की बड़ी कार्रवाई, पुलिस जांच शुरू



उत्तम साहू 

नगरी। नगरी ब्लॉक के गोहन नाला के पास जंगल मार्ग से 22 फरवरी को बड़ी संख्या में गोवंश ले जाए जाने की सूचना मिलते ही पंडरीपानी गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिवहन को रोक दिया। घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है और अब मामले की जांच पुलिस के हाथ में है।

बताया जा रहा है कि लगभग 80 से 120 गोवंश को वाहन से ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर समिति के अध्यक्ष, सचिव व अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और संबंधित लोगों से पूछताछ की। परिवहन कर रहे व्यक्तियों ने बताया कि गोवंश को ग्राम तीरथ स्थित तीरथ महादेव गौशाला समिति ले जाया जा रहा है। इसके समर्थन में उन्होंने ग्राम पंचायत कुरंगा, विकासखंड कुरुद, जिला धमतरी के सरपंच और सचिव के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी दिखाया, जिसमें पंचायत द्वारा गोवंश को रखने में असमर्थता जताते हुए अन्यत्र भेजने की अनुमति का उल्लेख था।

हालांकि, समिति के सदस्यों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में गोवंश का परिवहन केवल पंचायत के पत्र से संभव नहीं है। मौके पर शासकीय अनुमति, पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तथा वैध परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।

क्या पंचायत दे सकती है इतनी बड़ी अनुमति?

स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरपंच और सचिव के पत्र के आधार पर एक साथ दर्जनों गोवंश को दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है। जानकारों के अनुसार,गोवंश परिवहन के लिए एसडीएम या तहसीलदार की अनुमति आवश्यक होती है। पशु चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य माना जाता है। पशु परिवहन नियम, 1978 के तहत वाहन में पर्याप्त स्थान और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। बिना वैध ट्रांजिट परमिट परिवहन दंडनीय हो सकता है।

पुलिस में शिकायत, जांच शुरू

पंडरीपानी गौशाला समिति ने पूरे मामले की लिखित शिकायत दुगली थाना में दर्ज कराई है और विस्तृत जांच की मांग की है। फिलहाल सभी गोवंश को सुरक्षित रूप से नगरी ब्लॉक स्थित पंडरीपानी गौशाला में रखा गया है।

सीमा मार्ग को लेकर भी आशंका

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि छत्तीसगढ़ से लगे ओडिशा सीमा मार्ग से पूर्व में भी अवैध परिवहन की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि, इस मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मौके पर गौशाला समिति के अध्यक्ष प्रिंस गोलछा, सचिव अनिल वाधवानी, संत कोठारी, शिव शंकर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। पुलिस ने मामले में जांच प्रारंभ कर दी है।


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